यह ख़बर 16 मार्च, 2011 को प्रकाशित हुई थी

केयर्न ने रेड्डी से की कांग्रेसी सांसद की शिकायत

खास बातें

  • कंपनी की शिकायत है कि गुजरात में उसकी पाइपलाइन परियोजना में क्षेत्रीय सांसद व्यावधान पैदा कर रहे हैं।
New Delhi:

देश में थल क्षेत्र में सबसे बड़ी खनिज तेल परियोजना का विकास करने वाली केयर्न इंडिया लिमिटेड ने बाड़मेर क्षेत्र इससे जुड़ी पाइपलाइन परियोजना को पूरा करने में रुकावट खड़ी किए जाने का अरोप लगाते हुए जामनगकर के कांग्रेसी सांसद की पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय से शिकायत की है। कंपनी की शिकायत है कि गुजरात में उसकी पाइपलाइन परियोजना में क्षेत्रीय सांसद व्यावधान पैदा कर रहे हैं। केयर्न इंडिया ने 11 मार्च को रेड्डी को एक पत्र लिखा जिसमें कहा गया है कि जामनगर के सांसद द्वारा व्यावधान पैदा किये जाने की वजह से 70 किलोमीटर के हिस्से पर पाइपलाइन परियोजना पर काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इस पाइपलाइन के जरिये राजस्थान से गुजरात के तटीय इलाके तक कच्चे तेल का परिवहन किया जायेगा। केयर्न इंडिया के बाड़मेर स्थित मंगला तेल क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम :ओएनजीसी: 30 प्रतिशत की भागीदार है और यहां से प्रतिदिन सवा लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन किया जा रहा है। इस तेल को 590 किलोमीटर की पाइपलाइन के जरिये बाड़मेर से जामनगर के नजदीक सलाया तक पहुंचाया जाना है। दूसरे चरण में 70 किलोमीटर के हिस्से में पाइपलाइन का निर्माण किया जाना है, जो कि जामनगर में भोगत तक इसे पहुंचायेगा ताकि यहां से गुजरात के तटीय इलाके से कर्नाटक में मंगलूर रिफाइनरी तक कच्चा तेल पहुंचाया जा सके। पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी को भेजे पत्र में कंपनी ने कहा है हम आपके संज्ञान में यह लाना चाहते हैं कि सभी कायदे कानूनों का पालन करने के बावजूद हमें जामनगर में स्थानीय सांसद के कारण रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं की वजह से पाइपलाइन के दूसरे चरण का काम करीब छह महीने देरी में पड़ गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि, केयर्न इंडिया की तरफ से यह पत्र जामनगर के सांसद विक्रमभाई अर्जनभाई मादाम द्वारा लोकसभा में केयर्न इंडिया की तरफ से उन्हें रिश्वत दिये जाने के कोशिश का मुद्दा उठाये जाने के कुछ दिन पहले ही लिखा गया। हालांकि केयर्न के प्रवक्ता ने कहा है अर्जनभाई मादाम ने जो आरोप लगाये हैं वह पूरी तरह से गलत है और कंपनी इसका पुरजोर खंडन करती है। कंपनी का कहना है कि कोई भी माननीय सांसद को जिला कलेक्टर और पुलिस सुप्रिटेंडेंट के सामने धमकी दे सकता है। मादाम ने इससे पहले कहा है कि वह क्षेत्र में किसान आंदोलन का नेतृत्व करते रहे हैं। यह आदोलन कई महीनों से चल रहा है क्योंकि क्षेत्र में किसानों को पाइपलाइन बिछाने के लिये उनकी भूमि के बदले दिये गये मुआवजा में भारी विसंगति देखी गई है।


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