खास बातें
- देश के छह प्रमुख ढांचागत उद्योगों की वृद्धि की रफ्तार जनवरी, 2011 में बढ़कर 7.1 प्रतिशत पर पहुंच गई।
New Delhi: देश के छह प्रमुख ढांचागत उद्योगों की वृद्धि की रफ्तार जनवरी, 2011 में बढ़कर 7.1 प्रतिशत पर पहुंच गई। कुछ बड़े अर्थशास्त्रियों को इसका औद्योगिक उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ने का अनुमान है। दिसंबर, 2010 में छह प्रमुख क्षेत्रों, कच्चा तेल, पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पाद, कोयला, बिजली, सीमेंट और तैयार इस्पात की वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत थी, जबकि जनवरी, 2010 में छह प्रमुख ढांचागत क्षेत्र की वृद्धि दर 9.8 प्रतिशत थी। अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, समीक्षाधीन माह में ढांचागत क्षेत्र में बेहतर वृद्धि का जनवरी के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) पर सकारात्मक असर पड़ेगा। आईआईपी आंकड़े इसी महीने जारी किए जाने की संभावना है। क्रेडिट रेटिंग एजेन्सी क्रिसिल के प्रधान अर्थशास्त्री डीके जोशी ने कहा, इसका (जनवरी के आंकड़ों) जनवरी के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर पर सकारात्मक असर पड़ेगा। यस बैंक की मुख्य अर्थशास्त्री शुभदा राव ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए कहा, प्रमुख ढांचागत क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से निश्चित तौर पर जनवरी में आईआईपी आंकड़ों को समर्थन मिलेगा।