खास बातें
- ब्रिक समूह (ब्राजील, रूस, भारत, चीन) के देश अभी भी इस स्थिति में नहीं आ पाए हैं कि वे बड़े आर्थिक जोखिम वाली घटनाओं के झटके बर्दाश्त कर सकें।
मास्को: ब्रिक समूह (ब्राजील, रूस, भारत, चीन) के देश अभी भी इस स्थिति में नहीं आ पाए हैं कि वे बड़े आर्थिक जोखिम वाली घटनाओं के झटके बर्दाश्त कर सकें। यह बात जोखिम विश्लेषक कम्पनी, मैपलक्रॉफ्ट ने सोमवार को एक रपट में कही है।
मैपलक्रॉफ्ट ने अपने ग्लोबल रिस्क्स एटलस-2012 में कहा है कि निवेशकों और व्यापारियों को वैश्विक जोखिमों को बर्दाश्त करने की अपनी सीमित क्षमता के बारे में पता होना चाहिए।
मैपलक्रॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अलीसन वारहर्स्ट के हवाले से रपट में कहा गया है, "बाहरी और आंतरिक झटके बर्दाश्त करने की किसी देश की क्षमता बनने में एक वक्त लगता है, लिहाजा चूंकि ब्रिक के राजनीतिक जोखिम के वातावरण में सुधार हुआ है, लिहाजा हम समझते हैं कि जोखिम बर्दाश्त करने की क्षमता भी बढ़ी है, लेकिन हमारे परिणामों से जाहिर होता है कि अभी ऐसा होना बाकी है।"
कम्पनी के विशेषज्ञों ने रूस को उच्चस्तर के जोखिम वाले 41 देशों के एक समूह में रखा है और वे खराब शासन, भ्रष्टाचार और आतंकवाद को बड़ा जोखिम मानते हैं।
कम्पनी ने कहा है, "रूस में आतंकवाद और राजनीतिक हिंसा मानव सुरक्षा और व्यापारिक स्थिरता के लिए खतरा बन गया है, जिसमें सरकार के कीमती संसाधन और धन खर्च हो रहे हैं।"