खास बातें
- कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच बाजार में खासकर वाहन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का जोर रहा।
मुंबई: राजनीतिक चिंता तथा ब्याज दरों में वृद्धि की आशंका से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 264 अंक नीचे आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच बाजार में खासकर वाहन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का जोर रहा। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 263.78 अंक या 1.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,222.67 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 428 अंक नीचे आ गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 75.60 अंक या 1.36 प्रतिशत टूटकर 5,463.15 अंक पर बंद हुआ। ब्रोकरों ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के महत्वपूर्ण घटक द्रमुक की सरकार से बाहर निकलने की घोषणा से चिंतित निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। आईआईएफएल के अनुसंधान प्रमुख (भारतीय निजी ग्राहक) अमर अंबानी ने कहा, आम बजट का स्वागत करने के बाद संप्रग सरकार के समक्ष आए नए संकट से निवेशकों की चिंता बढ़ी है। विश्लेषकों ने कहा कि निवेशकों को यह भी आशंका है कि भारतीय रिजर्व बैंक 17 मार्च को अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा में नीतिगत दरों में और वृद्धि कर सकता है। इससे ब्याज दर को लेकर संवेदनशील वाहन, रीयल्टी और बैंकिंग शेयरों में गिरावट आई। अंबानी ने कहा कि लीबिया और पश्चिम एशिया के अन्य हिस्सों में हिंसा से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे बाजार की धारणा प्रभावित हुई।