खास बातें
- एयर इंडिया में नए पायलटों की नियुक्ति से सकते में आए हड़ताली पायलटों ने सरकार की इस पहल पर यह कहते हुए सवाल उठाया कि नकदी संकट से जूझ रही विमानन कंपनी नए पायलटों को अधिक वेतन कैसे दे पाएगी?
नई दिल्ली: एयर इंडिया में नए पायलटों की नियुक्ति से सकते में आए हड़ताली पायलटों ने सरकार की इस पहल पर यह कहते हुए सवाल उठाया कि नकदी संकट से जूझ रही विमानन कंपनी नए पायलटों को अधिक वेतन कैसे दे पाएगी?
पायलटों की 30 दिन लम्बी हड़ताल का नेतृत्व कर रहे इंडियन पायलट गिल्ड (आईपीजी) के संयुक्त सचिव कैप्टन अनिल कुमार राव ने कहा, ‘‘हमें विमानन मंत्रालय की इस पहल पर संदेह है। वह किसको फायदा पहुंचाना चाहते हैं? जब कंपनी गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही है तो क्या ऐसे में इन नए पायलट की नियुक्ति की जा सकती है जिनका वेतन हमसे दोगुना होगा।’’
राव ने कहा, ‘‘ऐसी पहल से सरकार यात्रियों की सुरक्षा के साथ समझौता कर रही है। बिना पिछला रिकॉर्ड जांचे विदेशी पायलटों की नियुक्ति से सुरक्षा से समझौता करने जैसा होगा।’ संसद भवन के पास मौन जुलूस का नेतृत्व करने के बाद वे संवाददाताओं से बात कर रहे थे। हड़ताली पायलट अपनी वर्दी में यहां जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए और संसद भवन की ओर बढ़े लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। आईपीजी ने मुंबई में भी इसी तरह का जुलूस निकाला।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रदर्शन का यह 30वां दिन है। हम एयरइंडिया प्रबंधन से अपील करते हैं कि वे आगे आएं और बातचीत करें। हम विमान उड़ाना चाहते हैं लेकिन इसके लिए प्रबंधन या मंत्रालय में से किसी को हमारी बात सुननी चाहिए।’’ फर्स्ट ऑफिसर जी एस हुंजन ने कहा, ‘‘हमारे सामने करियर और काम करने के हालात से जुड़ी कुछ समस्या है लेकिन इसे हमारी मांग समझकर प्रबंधन हमारी बात नहीं सुन रहा है।’’ पायलटों ने यह भी दावा किया कि प्रबंधन ने उनके 101 सहकर्मियों की सेवा कानूनी तरीके से खत्म नहीं की।