खास बातें
- एयर इंडिया ने इंडियन पायलट्स गिल्ड (आईपीजी) के पदाधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई के आग्रह के साथ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
नई दिल्ली: एयर इंडिया ने इंडियन पायलट्स गिल्ड (आईपीजी) के पदाधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई के आग्रह के साथ आज उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। एयर इंडिया का आरोप है कि गिल्ड, ड्रीमलाइनर विमान के लिए पायलटों के प्रशिक्षण के बारे में उसके आदेश के कार्यान्वयन में बाधा डाल रही है।
इस आशय के आवेदन में आरोप लगाया गया है कि आईपीजी का मौजूदा विरोध की कार्रवाई उच्चतम न्यायालय के आदेशों की आवमानना है। इस कार्रवाई के कारण कंपनी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बाधित हुई हैं।
एयर इंडिया के वकील ललित भसीन ने कहा है कि आईपीजी की कार्रवाई उच्चतम न्यायालय के 23 अप्रैल व दो मई के आदेश का उल्लंघन है। इन आदेशों में कहा गया था कि एयर इंडिया तथा पूर्ववर्ती इंडियन एयरलाइंस के पायलटों को समान अनुपात में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आईपीजी के सदस्य खुद को बीमार बताकर काम पर नहीं आ रहे हैं। वे एयर इंडिया के इस कदम का विरोध कर रहे हैं कि वह बोइंग 787 ड्रीमलाइनर को उड़ाने का प्रशिक्षण लेने के लिए एयर इंडिया व पूर्ववर्ती इंडियन एयरलाइंस के पायलटों को समान संख्या में भेज रही है।
यह प्रशिक्षण कार्य्रकम आठ मई से सिंगापुर में चल रहा है और पहला ड्रीमलाइनर इसी महीने बेड़े में शामिल होने की संभावना है।