खास बातें
- विश्व बैंक ने कहा है कि भारत में यदि नीतियों को लेकर जारी अनिश्चितता दूर हो जाती है और लंबे समय से लटके पड़े सुधारों को आगे बढ़ाया जाता है तो नौ फीसदी आर्थिक वृद्धि हासिल की जा सकती है।
मुंबई: विश्व बैंक ने कहा है कि भारत में यदि नीतियों को लेकर जारी अनिश्चितता दूर हो जाती है और लंबे समय से लटके पड़े सुधारों को आगे बढ़ाया जाता है तो नौ फीसदी आर्थिक वृद्धि हासिल की जा सकती है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के अध्यक्ष विजय केलकर और पूर्व वित्त सचिव ने कम वृद्धि और इससे प्रभावित हो रहे रोजगार के अवसरों के लिए खराब नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि नीतियो में अनिश्चितता के कारण निवेशक भारत से दूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनुबंधों का अनुपालन न करने से भी निवेशकों की मुश्किलें बढ़ीं।
केलकर ने कहा, ‘यह निवेश को प्रोत्साहित करने का तरीका नहीं हो सकता न ही वृद्धि को प्रोत्साहित करने का तरीका है क्योंकि आप जोखिम वाली पूंजी की लागत बढ़ा रहे हैं। निवशकों पर कर का बोझ कितना होगा इसकी जानकारी होने से ज्यादा और कोई चीज निवेशकों को प्रभावित नहीं करती।’
यूरोपीय क्षेत्र में नरमी जैसी वैश्विक समस्याओं और राजकोषीय घाटा बढने, रुपये में गिरावट, उच्च मुद्रास्फीति और रिजर्व बैंक द्वारा लगातार मुख्य दरों में बढ़ोतरी के कारण सरकार को वित्त वर्ष 2012 के वृद्धि अनुमान को घटाने पर मजबूर होना पड़ा।