खास बातें
- भारत में चार साल में 3जी मोबाइल कनेक्शनों का आंकड़ा 40 करोड़ पर पहुंच जाएगा। यह देश में कुल मोबाइल कनेक्शनों का 30 प्रतिशत होगा।
बेंगलुरू: भारत में चार साल में 3जी मोबाइल कनेक्शनों का आंकड़ा 40 करोड़ पर पहुंच जाएगा। यह देश में कुल मोबाइल कनेक्शनों का 30 प्रतिशत होगा। एक अध्ययन में यह अनुमान लगाया गया है। नए वायरलेस इंटिलेजेंस अध्ययन-इंडिया 3जी रोल आउट (अनुमान तथा बाजार हिस्सेदारी 2011-15) में कहा गया है कि भारत में 2011 से 2015 के दौरान 3जी कनेक्शनों की संख्या में तीन गुना का इजाफा होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय ऑपरेटरों ने पिछले साल नीलामी में वाइडबैंड कोड डिविजन (डब्ल्यूसीडीएमए) 3जी स्पेक्ट्रम हासिल करने के लिए संयुक्त रूप से 15 अरब डॉलर खर्च किए थे। अध्ययन में कहा गया है कि ऑपरेटर 2011 में नया नेटवर्क बनाने तथा 3जी सेवाएं पेश करने पर 2.5 अरब डॉलर की राशि और खर्च करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, अगले पांच साल में 80 फीसद 3जी कनेक्शन डब्ल्यूसीडीएमए आधारित होंगे तथा 20 फीसद सीडीएमए आधारित होंगे। रिपोर्ट के लेखक तथा वायरलेस इंटेलिजेंस के वरिष्ठ विश्लेषक जॉस जिलेट ने कहा, भारत के 3जी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा कड़ी होने के आसार हैं, क्योंकि ज्यादातर ऑपरेटरों ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। अध्ययन में बताया गया है कि 2015 तक देश के ए और बी सर्किलों की कुल 3जी कनेक्शनों में 75 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।