कभी किसी गाने ने लोगों को इतना दीवाना बना दिया कि शादी-पार्टी से लेकर हर जश्न में उसी की धुन गूंजने लगी. लेकिन सोचिए, जिस गाने पर लोग खुलकर डांस करते थे, उसी पर सरकारी रोक भी लग गई थी. इतना ही नहीं, दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो ने भी उससे दूरी बना ली थी. हैरानी की बात ये है कि बैन होने के बाद भी लोग उसे सुनने का रास्ता ढूंढ लेते थे और उसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती चली गई. आखिर ऐसा क्या था उस गाने में, जिसने एक तरफ लोगों का दिल जीत लिया और दूसरी तरफ इतना बड़ा विवाद खड़ा कर दिया. आइए जानते हैं उस दिलचस्प कहानी के बारे में.
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आखिर कौन सा था वो गाना
जिस गाने की बात हो रही है, वो था फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा का 'दम मारो दम'. साल 1971 में रिलीज हुए इस गाने को आशा भोसले ने अपनी आवाज दी थी और ये जीनत अमान पर फिल्माया गया था. फिल्म में इसके जरिए बढ़ती हिप्पी संस्कृति और नशे की लत का असर दिखाया गया था. लेकिन लोगों ने इसे अलग ही अंदाज में पसंद किया और देखते ही देखते ये गाना युवाओं की पहली पसंद बन गया.
पहले किसी और की आवाज में बनने वाला था ये गाना
बहुत कम लोग जानते हैं कि शुरुआत में इस गाने के लिए आशा भोसले का नाम तय नहीं था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले इसे लता मंगेशकर और उषा उत्थुप की आवाज में रिकॉर्ड करने की योजना थी. बाद में लता मंगेशकर इस गाने से अलग हो गईं. इसके बाद आशा भोसले ने इसे रिकॉर्ड किया और यही गाना उनके करियर के सबसे यादगार गीतों में शामिल हो गया. उषा उत्थुप ने इसमें कुछ अंग्रेजी लाइनें भी गाई थीं.
देव आनंद ने हटा दिया था फिल्म से
गाना रिकॉर्ड होने के बाद भी इसकी राह आसान नहीं थी. फिल्म के निर्माता और निर्देशक देव आनंद को लगा कि इसके बोल और अंदाज विवाद खड़ा कर सकते हैं. इसलिए उन्होंने इसे फिल्म से हटाने का फैसला कर लिया था. जब आशा भोसले को इसकी जानकारी मिली तो वो खुद देव आनंद से मिलने पहुंचीं. उन्होंने गाने को फिल्म में रखने की बात कही. आखिरकार देव आनंद मान गए और गाना फिल्म में शामिल कर लिया गया.
फिर लगा बैन, लेकिन लोगों का प्यार नहीं रुका
रिलीज के बाद वही हुआ, जिसका डर था. 'दम मारो दम' को कुछ समय के लिए ऑल इंडिया रेडियो पर बैन कर दिया गया. दूरदर्शन पर भी जब फिल्म दिखाई जाती थी, तब अक्सर इस गाने को हटा दिया जाता था. लेकिन दूसरी तरफ रेडियो सीलोन पर यही गाना लगातार बजता रहा और कई हफ्तों तक नंबर वन बना रहा. बाद में इसे 'सरताज गीत' का दर्जा भी मिला. आज 55 साल बाद भी ये गाना शादी-पार्टी से लेकर हर म्यूजिक प्लेलिस्ट की शान बना हुआ है.
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