आशा भोसले (Asha Bhosle) की पोती जनई भोसले (Zanai Bhosle) ने अपनी दिवंगत दादी को याद करते हुए एक भावुक नोट लिखा है. सोशल मीडिया पर जनई ने दादी के साथ अपनी यादों से जुड़ी कई खुशनुमा तस्वीरें शेयर कीं. एक तस्वीर में दादी-पोती दोनों मुस्कुराते हुए ताली बजा रही हैं. इस तस्वीर के साथ ज़नई ने लिखा, 'आई लव यू माय डार्लिंग. आई लव यू.' दूसरी तस्वीर में जनई अपनी दादी आशा भोसले की कुर्सी के पास स्नेहपूर्वक झुकी हुई हैं, जबकि दादी कैमरे की तरफ मुस्कुरा रही हैं.
इस तस्वीर के साथ जनई ने दिल छू लेने वाला संदेश लिखा. 'हर जगह मैं आपको देखती हूं. आप मेरे सपनों में आती हैं, आप मेरे आज, मेरे कल और हमेशा के लिए मेरा हिस्सा हैं. फिर भी मेरे एक हिस्से को आपकी झप्पी, प्यार और दुलार की बहुत याद आती है. कृपया ऊपर खुश रहना क्योंकि आपने मुझे यही सिखाया था. मैं जो हूं, आपकी वजह से हूं और आप हमेशा मेरा हिस्से रहेंगी, जब तक समय रुक नहीं जाता.'
आशा भोसले का निधन
बता दें कि आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल 2026 को मुंबई में 92 वर्ष की आयु में हो गया था. वे गंभीर थकान और सीने में संक्रमण के कारण ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हुई थीं. बाद में उन्होंने मल्टीपल ऑर्गन फेलियर के कारण दम तोड़ दिया. उनका अंतिम संस्कार शिवाजी पार्क, मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया. जनई, अपनी दादी के बेहद करीब थीं.

आशा भोसले की विरासत
आशा भोसले भारतीय सिनेमा की सबसे महान प्लेबैक सिंगर में से एक थीं. उनका करियर आठ दशकों से भी अधिक लंबा रहा. उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए. उनके कुछ अमर गाने हैं, 'पिया तू अब तो आजा', 'दम मारो दम', 'चुरा लिया है तुमने जो दिल को', 'ये मेरा दिल', 'इन आंखों की मस्ती', 'मेरा कुछ सामान', 'दिल चीज क्या है', 'रंगीला रे', 'राधा कैसे न जले' और 'तन्हा तन्हा' आदि.
संगीत के अलावा आशा भोसले ने अभिनय में भी कदम रखा और 2013 में मराठी फिल्म 'माई' से अपनी अभिनय यात्रा शुरू की. आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को हुआ था. वे सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं. लता मंगेसकर का निधन फरवरी 2022 में हो चुका है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं