करण जौहर ने कभी खुशी कभी गम और कभी अलविदा जैसी फिल्में बनाईं, जो आज आइकॉनिक फिल्मों की लिस्ट में आती हैं. लेकिन हाल ही में फिल्ममेकर ने अपनी 20 साल पुरानी फिल्म का जिक्र किया, जिसके लिए उन्हें नफरत का सामना करना पड़ा और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को लेकर वह ट्रोल हुए. इतना ही नहीं फिल्म के गानों को उन्होंने गैर जरुरी बताया. अपने लेटेस्ट इंस्टाग्राम पोस्ट में उन्होंने बताया कि यह उनके निर्देशन में बनीं कभी अलविदा ना कहना फिल्म थी, जिसमें शाहरुख खान, रानी मुखर्जी लीड रोल में थे. वहीं फिल्म की कहानी एक्सट्रा मैरिटल अफेयर पर थी. जबकि गाने "कभी अलविदा ना कहना", "मितवा", और "तुम्ही देखो ना" काफी मशहूर थे.
कपल का एक्ट्रा मैरिटल अफेयर पर था ये रिएक्शन
करण जौहर ने फिल्म की रिलीज से पहले पेड प्रीव्यू की रात को याद किया जब उन्होंने चुपचाप ऑडियंस के साथ फिल्म देखी थी. उन्होंने कहा, “मैं ट्रेडिशनल कपड़ों में सजे-धजे अधेड़ उम्र के एक जोड़े के पीछे बैठा था (और न जाने क्यों, वे गुस्से में लग रहे थे और अपना गुस्सा वे उस बेचारे पॉपकॉर्न पर निकाल रहे थे जिसे वे खा रहे थे!) एक बार जब देव और माया (शाहरुख खान और रानी मुखर्जी के किरदार) एक होटल की लिफ्ट में जाते हैं और शादीशुदा होने के बावजूद इंटीमेट होने लगते हैं, तो महिला हैरान रह जाती है. “उस समय 'लेडी साड़ी' ने हैरानी से 'सर कुर्ता' की ओर देखा और उनके हाथ से पॉपकॉर्न गिर गया. उन्होंने पीछे मुड़कर (गुजराती में) कहा - "यह तो ड्रीम सीक्वेंस है!”
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महिला ने कहा- आपको शर्म आनी चाहिए
आगे उन्होंने बताया जब आदमी को एहसास हुआ कि वह ड्रीम नहीं था तो वह अपनी पत्नी की तरफ गुस्से से देखता है. इसके साथ ही थियेटर से निकलने के बाद लोगों का रिएक्शन और भी ज्यादा हैरान करने वाला था. उन्होंने कहा, “मैं मिले जुले इमोशन के साथ बाहर निकला, तभी एक महिला और उसकी रोती हुई बेटी मेरे पास आईं (सच कहूं तो मुझे लगा कि वो फिल्म देखकर इमोशनल हो गई थीं). उसने पूछा - “क्या आप करण जौहर हैं!!??”.. मैं अपनी बेटी को गाने-नाचने और पारिवारिक मूल्यों वाली एक खुशमिजाज फिल्म दिखाने ले गई थी क्योंकि यह आपकी फिल्म थी. जिस दिन उसका तलाक हुआ, उस दिन मैंने यह देखा!! आपको शर्म आनी चाहिए. मुझे डर था कि कहीं वह मुझे मार न दे, इसलिए मैं वहां से जल्दी से निकल गया और मुझे कुछ और नाराज चेहरे दिखाई दिए.”
महिला ने पति से बोला झूठ
करण जौहर ने आगे लिखा, “बहुत ज्यादा पोलराइजिंग रिव्यू और ऑडियंस का फीडबैक मिला. बहादुर कहे जाने से लेकर, मेरा सबसे अच्छा काम, एंटी 'संस्कारी' वैल्यू और बहुत ज्यादा नफरत तक - मैंने यह सब सुना. कुछ हफ्ते बाद मैं एयरपोर्ट लाउंज में एक औरत से मिला. उसने कहा - "मुझे आपकी फिल्म बहुत पसंद आई. लेकिन मैंने अपने पति से झूठ बोला और उनसे कहा कि मुझे यह पसंद नहीं है. जब पूछा क्यों, तो उन्होंने जवाब दिया, “अगर मैंने उनसे कहा होता कि मुझे यह पसंद है तो उन्होंने मुझसे पूछा होता कि मुझे इसमें क्या पसंद आया. इसलिए झूठ बोलना सेफ था!”
गाने थे गैर जरुरी
आगे करण जौहर ने लिखा, “मैं फिल्म की कमियों से इनकार नहीं करता. इसका स्केल बहुत बड़ा था और इसमें मेनस्ट्रीम दर्शकों को लुभाने के लिए भव्य (और कुछ गैर-जरूरी) गाने थे. लेकिन मुझे हमेशा लगा कि इसकी भावना सही थी. फिल्म ने बेवफाई को बढ़ावा नहीं दिया (मेरा मकसद कभी ऐसा नहीं था). लेकिन इसने यह जरूर दिखाया कि प्यार या चाहत के लिए शादी की सीमा से बाहर निकलना आपकी नींव और परिवार को बर्बाद कर सकता है. 20 साल बाद, मैं कई ऐसे लोगों से मिलता हूं, जो कहते हैं कि उस समय वे इससे जुड़ नहीं पाए थे. लेकिन आज इसे बेहतर समझते हैं. शायद जिंदगी ही हमें उन सवालों के जवाब देती है, जिनके बारे में हमने कभी सवाल पूछना भी नहीं चाहा था.”
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