फिल्म इंडस्ट्री में कुछ ऐसे सितारे भी हैं जो बड़ा नाम होने के बावजूद कभी इसे जाहिर नहीं होते देते और जमीन से जुड़े रहते हैं. रजनीकांत काम नाम इस लिस्ट में ऊपर आता है. रजनीकांत ने हमेशा शांत और संयमित व्यवहार बनाए रखा है, जिससे पता चलता है कि वह अपनी स्टारडम को सिर पर चढ़ने नहीं दिया. हाल ही में एक बातचीत में, अभिनेता अरविंद स्वामी ने अपनी पहली फिल्म से जुड़ा एक ऐसा ही किस्सा याद किया, जिसमें वह गलती से रजनीकांत के बिस्तर पर सो गए थे और जब जागे तो देखा कि स्टार फर्श पर सो रहे थे.
रजनीकांत के साथ उस किस्स को किया याद
अरविंद ने 1991 में मणिरत्नम की निर्देशित फिल्म थलपति से डेब्यू किया था, जिसमें रजनीकांत और ममूटी ने अभिनय किया था. मेलबर्न के इंडियन फिल्म फेस्टिवल में अपनी बातचीत के दौरान फिल्म सेट पर अपने शुरुआती दिनों की एक घटना को याद करते हुए, अरविंद ने बताया कि उन्हें शुरुआती दिनों में हाइरार्की के बारे में जानकारी नहीं थी जो फिल्मों के सेट पर हुआ करती थी. उन्हें यह एहसास नहीं था कि कुछ प्रोटोकॉल भी थे, जिन्हें मानना था.
उन्होंने कहा, “मैं इन सब चीज़ों के लिए नया था. मुझे हाइरार्की के बारे में नहीं पता था. मुझे प्रोटोकॉल के बारे में नहीं पता था. हमारी इंडस्ट्री थोड़ी... इस प्रोटोकॉल के मामले में थोड़ी बनावटी है, इसलिए एक दिन, मैं शूटिंग के लिए जल्दी पहुंच गया. मैं थका हुआ था इसलिए मुझे एक बिस्तर मिला और मैं उस पर लेट गया और सो गया.”
अरविंद ने बताया कि जब वह जागे, तो उन्होंने रजनीकांत को फर्श पर सोते हुए देखा. उन्होंने बताया, “मैं जागा और मैंने रजनी सर को उसी कमरे में ज़मीन पर सोते हुए देखा. मैं उनके कमरे में चला गया था और मैं बिस्तर पर सो गया था.” अरविंद ने याद किया कि यह देखकर उन्हें झटका लगा.
रजनीकांत की दरियादिली
तभी रजनीकांत के मेकअप आर्टिस्ट ने उन्हें बताया कि रजनीकांत ने उनसे कहा था कि उस लड़के एक्टर को डिस्टर्ब न करें. “उनके मेकअप आर्टिस्ट ने कहा, ‘उन्होंने मुझसे कहा कि तुम्हें डिस्टर्ब न करूं.' वो हैं रजनी सर,” उन्होंने याद किया और भीड़ तालियों से गूंज उठी.
अरविंद ने बताया कि रजनीकांत के इस जेस्चर से उन्होंने बहुत कुछ सीखा. उन्होंने कहा, “किसी के लिए किसी को न जगाना कितनी संवेदनशील बात है. ऐसा नहीं है कि वह सोच रहे हों, ‘यह नया लड़का है, यह यहां क्यों है, इसे भगा दो' या ऐसा कुछ. साथ ही, वह ज़मीन पर लेटे हुए सोने में बहुत कम्फर्टेबल थे और वह बस वही कर रहे थे. मेरा मतलब है कि उस एक घटना से आप बहुत कुछ सीख सकते हैं.”
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं