क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म ‘द ओडिसी' भारतीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है. रिलीज के पहले 10 दिनों में फिल्म ने 119.65 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है. 27 जुलाई को फिल्म का 11वां दिन है और अब इसकी तुलना नोलन की पिछली ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘ओपेनहाइमर' से की जा रही है. दिलचस्प बात यह है कि ‘ओपेनहाइमर' ने भारत में पहले 10 दिनों में 92.15 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था. यानी ‘द ओडिसी' इस मामले में नोलन की पिछली फिल्म से काफी आगे निकल चुकी है.
हालांकि, फिल्म कारोबार से जुड़े जानकारों का मानना है कि इन आंकड़ों को सिर्फ कलेक्शन के नजरिए से नहीं, बल्कि फिल्म की प्रकृति और उसके दर्शक वर्ग को ध्यान में रखकर भी देखा जाना चाहिए.
‘नॉन-फ्रेंचाइज' और ‘आर-रेटेड' फिल्म के लिए बड़ी सफलता
फिल्म कारोबार विशेषज्ञ गिरीश वानखेड़े के अनुसार, ‘द ओडिसी' ने भारत में करीब 10-11 दिनों में लगभग 120 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है. फिल्म ने 17 जुलाई को 17.40 करोड़ रुपये की ओपनिंग के साथ क्रिस्टोफर नोलन के करियर की भारत में सबसे बड़ी शुरुआत दर्ज की. पहले वीकेंड में फिल्म ने करीब 61 करोड़ रुपये कमाए, जबकि पहले सप्ताह के अंत तक इसका कलेक्शन 90 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया.
उनके मुताबिक, फिल्म का अधिकांश कारोबार अंग्रेजी संस्करण से आया है, जबकि हिंदी, तमिल और तेलुगु डब संस्करणों का भी अच्छा योगदान रहा. खास तौर पर आईमैक्स फॉर्मेट ने फिल्म की कमाई में अहम भूमिका निभाई.
गिरीश वानखेड़े का कहना है कि स्थानीय बड़ी फिल्मों से मुकाबला और वीकडेज में स्वाभाविक गिरावट के बावजूद फिल्म ने दूसरे वीकेंड तक अच्छी पकड़ बनाए रखी है. उन्होंने कहा कि ‘ओडिसी' ने ‘ओपेनहाइमर' समेत नोलन की पिछली फिल्मों के भारतीय रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं. उनके मुताबिक, किसी फ्रेंचाइज़ का हिस्सा न होने और आर-रेटेड पौराणिक ड्रामा होने के बावजूद यह प्रदर्शन पूरी तरह व्यावसायिक सफलता माना जाएगा.
‘आईमैक्स में रिकॉर्ड तोड़ रही है फिल्म'
वहीं, फिल्म कारोबार विशेषज्ञ और जनता सिनेमा के संस्थापक यूसुफ शेख का कहना है कि ‘ओडिसी' ने खासकर अंग्रेजी भाषा और आईमैक्स सिनेमाघरों में बेहद शानदार प्रदर्शन किया है.
उनके अनुसार, यह ऐसी फिल्म है जिसे दर्शक आईमैक्स में देखने को प्राथमिकता दे रहे हैं. उनका कहना है कि कई जगहों पर आईमैक्स स्क्रीन का कलेक्शन सामान्य मल्टीप्लेक्स या सिंगल स्क्रीन की तुलना में 5 से 10 गुना तक ज्यादा है और जहां-जहां आईमैक्स मौजूद हैं, वहां फिल्म रिकॉर्ड बना रही है.
हालांकि, उनका मानना है कि हिंदी डब संस्करण अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया, लेकिन इसकी वजह फिल्म का विषय है. चूंकि ‘ओडिसी' ग्रीक मिथक पर आधारित फिल्म है, इसलिए हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के दर्शकों से इसका जुड़ाव अपेक्षाकृत सीमित रहा.
‘स्पाइडर-मैन' का मुकाबला अलग स्तर का
यूसुफ शेख का मानना है कि ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' की तुलना ‘ओडिसी' से करना उचित नहीं होगा. उनके अनुसार, स्पाइडर-मैन एक वैश्विक फ्रेंचाइज़ और फैमिली एंटरटेनर फिल्म है, जिसका दर्शक वर्ग बच्चों से लेकर परिवारों तक फैला हुआ है. अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में भी इसकी मजबूत पकड़ है.
उन्होंने कहा कि फिल्म का प्रचार अभियान भी बेहद आक्रामक रहा है और देशभर में इसके होर्डिंग्स और मार्केटिंग कैंपेन दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' पहले दिन 40 से 50 करोड़ रुपये तक की ओपनिंग कर सकती है. उनका अनुमान है कि ‘ओडिसी' ने पूरे सप्ताह में जितनी कमाई की है, स्पाइडर-मैन उतनी कमाई महज तीन दिनों में कर सकती है.
दोनों फिल्मों की तुलना क्यों अलग है?
दरअसल, यह बात जगजाहिर है कि परिवारों के लिए बनाई गई फ्रेंचाइज़ फिल्में आमतौर पर तेजी से और बड़े स्तर पर कारोबार करती हैं. दूसरी ओर, ‘ओडिसी' जैसी गंभीर, पौराणिक और आर-रेटेड फिल्म का दर्शक वर्ग अपेक्षाकृत सीमित होता है. ऐसे में केवल बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों के आधार पर दोनों फिल्मों की सीधी तुलना करना उचित नहीं माना जा सकता.
अब सभी की नजर ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' की रिलीज पर है. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कैसी शुरुआत करती है और क्या वह वाकई ‘ओडिसी' के 10 दिनों के कलेक्शन के करीब तीन दिनों में पहुंच पाती है, इसका जवाब आने वाले दिनों के आंकड़े देंगे.
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