लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) भारत की सबसे प्रतिष्ठित पार्श्वगायिकाओं में से एक थीं. उन्होंने अपने करियर में कई फिल्मी और गैर फिल्मी गाने गाए. दुनिया भर में उनके करोड़ों फैंस हैं. लता ने हजारों हिंदी फिल्मों में गाने गाए. हिंदी, मराठी और बंगाली में भी उन्होंने गाने गाए. वह 36 से ज्यादा भाषाओं में उन्होंने गाने गाए. उनके गाए गाने दशकों बाद भी लोकप्रिय हैं. आज हम लता के ऐसे ही एक गाने के बारे में बात करने जा रहे हैं.
A Lataji , S.D. Burman gem from Talash released in 1969. Based on Raag Barwa Picturised on Sharmila Tagore and Rajendra Kumar, their only movie together. Sharmila performs some highly unconventional, somewhat eccentric dance movements . Directed by O.P. Ralhan. Lyrics Majrooh https://t.co/ucGFOgz9E8
— Shekar Iyer (@SHEKARSUSHEEL) November 6, 2026
वह गाना है 1969 में रिलीज हुई फिल्म 'तलाश' का एक बेहतरीन गाना "पहला मिलन मोसे नहीं रे साजन का". इसे लता मंगेशकर ने गाया है और संगीत एस.डी. बर्मन का है. यह गीत राग बरवा पर आधारित है. इसे शर्मिला टैगोर और राजेंद्र कुमार पर फिल्माया गया है. यह इकलौती फिल्म है, जिसमें दोनों ने साथ काम किया है. इसमें शर्मिला कुछ बहुत ही अनोखे और थोड़े अजीब ढंग के डांस मूव्स करती नजर आती हैं. निर्देशन ओ.पी. रल्हन ने किया है. वहीं गीतकार मजरूह हैं. यह गाना एक लव सॉन्ग है. यह गाना एक्स पर शेयर किया गया है, जिसे यूजर्स ने काफी पसंद किया है.
गाने के बोल
पहला मिलन मोसे, नहीं रे सजन का
रहेगा सदा मिलना, धरती गगन का
युग से वो है मेरा, मैं उसकी रे
खाई है रे हमने कसम, संग रहने की,
आएगा रे उड़ के मेरा, हंस परदेसी
फिल्म के बारे में
यह पहली फिल्म थी जो एक करोड़ के बजट में बनी थी. फिल्म की कहानी राजू (राजेंद्र कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बेहतर जीवन के सपने को लेकर मुंबई आता है.वह रंजीत राय (बलराज साहनी) की कंपनी में काम करना शुरू करता है और अपनी मेहनत से तरक्की पाता है और अधीक्षक के पद पर पहुंचता है. छुट्टियों के दौरान अपने दोस्त लच्छू (ओ. पी. रल्हन) के साथ जाते समय उसे गांव की सुंदर लड़की गौरी (शर्मिला टैगोर) से प्यार हो जाता है और वह उससे शादी का वादा करता है.
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