सलमान खान को लेकर अगर कहा जाए कि वो गणपति बप्पा के भक्त हैं तो इसमें कोई शक नहीं. हर साल गणपति उत्सव पर वह धूमधाम से इस त्योहार को मनाते हैं. सिर्फ उनके ही नहीं उनकी बहन अल्वीरा और अर्पिता के घर भी बप्पा आते हैं, पूरे रीति-रिवाज से पूजा पाठ होता है और फिर विदाई भी उसी धूमधाम और सम्मान के साथ दी जाती है. सलमान केवल अपने घर ही नहीं अपने जानने वालों और करीबी और जानने वालों के घर पर भी पूजा में शामिल होते हैं. सलमान खान की गाड़ी में भी ऑरेंज कलर के बप्पा की मूर्ति नजर आती है. बता दें कि बप्पा का आशीर्वाद केवल सलमान खान के लिए नहीं उनके पापा सलीम खान के लिए भी वरदान साबित हुआ है.
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सलमान खान के पापा को कैसे मिला बप्पा का आशीर्वाद ?
बप्पा गज मुख हैं इसलिए हाथियों को भी उसी सम्मान और प्यार से देखा जाता है. बस यही कड़ी सलमान खान के पापा से जुड़ी है. दरअसल सलीम खान ने जावेद खान के साथ जोड़ी बनाकर जो पहली फिल्म लिखी थी उसमें हाथियों का बड़ा किरदार था और ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉक बस्टर रही थी. इस फिल्म का नाम था हाथी मेरे साथी. इस फिल्म में राजेश खन्ना और तनुजा लीड रोल में थे. 1971 में आई ये फिल्म दर्शकों का दिल छू गई. इंसान और हाथी के बीच की दोस्ती और फिल्म गाना 'चल चल मेरे हाथी...' खूब पसंद किया गया.
बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई थी हाथी मेरे साथी
राजेश खन्ना की 'हाथी मेरे साथी' बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई थी. इस फिल्म का बजट करीब 1 करोड़ रुपये था और इसने बॉक्स ऑफिस पर वर्ल्डवाइड 6.80 करोड़ की कमाई की. बजट से पांच गुना कमाई करने वाली इस फिल्म जैसी फिल्म दोबारा आज तक नहीं बनी
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