Rajpal Yadav granted bail: बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव के फैंस के लिए खुशखबरी है. उन्हें कोर्ट ने जमानत मिल गई है. बीती 4 फरवरी को चेक बाउंस केस में उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट ने सरेंडर होने के आदेश दिए थे. जिसके बाद से राजपाल यादव तिहाड़ जेल में बंद थे. इस दौरान उनकी मदद के लिए कई फिल्मी सितारे और अन्य लोग आए गए. अब सोमवार 16 फरवरी को राजपाल यादव को 2.5 करोड़ रुपये जमा करने के बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत दे डाली है.
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आपको बता दें कि 2.5 करोड़ रुपये में 75 लाख रुपये राजपाल यादव ने पहले ही जमा कर दिए थे. उन्होंने अब 1.75 करोड़ रुपये जमा किए है, जिसके बाद कोर्ट से उन्हें जमानत मिली है. गौरतलब है कि राजपाल यादव ने 2010 में अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म 'अता-पता लापता' बनाने के लिए मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग पांच करोड़ रुपए का लोन लिया था. फिल्म आर्थिक रूप से सफल नहीं हुई, जिससे भुगतान में देरी हुई और कई चेक बाउंस हो गए. इसके बाद नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया. दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें कई अवसर दिए, लेकिन बार-बार भुगतान न करने के कारण अदालत ने उन्हें नोटिस जारी किया और 4 फरवरी को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था.
राजपाल यादव की कानूनी परेशानियां 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस केस से जुड़ी हैं. यह मामला 2010 का है जब यादव ने फिल्म 'अता पता लापता' से अपना डायरेक्शन डेब्यू करने के लिए मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे. फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप होने और पेमेंट में कथित डिफॉल्ट होने के बाद, मामला कानूनी झगड़े में बदल गया.
अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को इस मामले में दोषी ठहराया और छह महीने जेल की सजा सुनाई. इस सजा को 2019 की शुरुआत में सेशंस कोर्ट ने बरकरार रखा, जिसके बाद यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की. जून 2024 में, हाई कोर्ट ने उनकी सजा को कुछ समय के लिए सस्पेंड कर दिया और उन्हें बकाया रकम चुकाने के लिए 'ईमानदारी और सच्चे कदम' उठाने का निर्देश दिया. हालांकि पेमेंट के वादे बार-बार पूरे न होने पर कोर्ट ने इस साल 2 फरवरी को उनके सरेंडर करने का आदेश दिया. 16 फरवरी तक यादव अपनी अंतरिम जमानत याचिका पर आगे की कार्रवाई होने तक तिहाड़ जेल में हैं. दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले शिकायत करने वाले को यादव की जमानत अर्जी का जवाब देने का निर्देश दिया था, जिससे मामला मौजूदा सुनवाई के लिए आगे बढ़ गया.
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