
वरिष्ठ निर्माता आनंद पंडित ने फ़िलहाल अपनी आने वाली बहुचर्चित फिल्म 'चेहरे' के प्रदर्शन से सम्बंधित कोई भी फैसला लेने से इनकार किया है. उनका कहना है की ज़्यादातर निर्माता अपनी फिल्में प्रदर्शित करने से पहले बेहतर हालात का इंतज़ार करेंगे. वे कहते हैं, "फिल्म उद्योग अपने भीतर अपार धैर्य और हिम्मत संजोये हुए है. हम अच्छी तरह जानते हैं की ये वक़्त जोखिम उठाने का नहीं है क्योंकि हम एक महामारी का सामना कर रहे हैं. इसीलिए थिएटर कब खोले जाएंगे, इसके बारे में सरकारी फैसले का हम इंतज़ार करेंगे. सरकारी निर्देशों के अनुसार ही मैं 'चेहरे' के प्रदर्शन के बारे में कोई फैसला लूंगा."
पंडित जो कोविड-19 की पहली और दूसरी लहर के दौरान मदद और राहत कार्यों में जुटे हुए थे, हाल ही में चर्चा में आये जब उन्होंने फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों के मदद के लिए एक टीकाकरण अभियान चलाया और साथ ही ऑक्सीजन केंद्रों की स्थापना भी की. वे संभावित तीसरी लहर के खतरे से भली भांति परिचित हैं.
पंडित कहते हैं, "इस वक़्त ये ज़रूरी है की हम सभी पूरी सावधानी बरतें क्योंकि इसी में सबकी सुरक्षा है. हां, ये भी ज़रूरी है की फिल्म उद्योग एक बार फिर पहले की तरह काम पर लौट सके और कुछ हद तक हम काम कर भी पा रहे हैं पर सिनेमा हॉल चलाने वाले प्रदर्शक इस समय एक मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं. जब तक वे अपने थिएटर नहीं खोल पाएंगे तब तक फिल्म उद्योग पूरी तरह से सशक्त नहीं हो पायेगा. बस यही उम्मीद है की आने वाला कल गुज़रे हुए कल से बेहतर होगा और हम सभी एक बार फिर बड़े परदे पर मनोरंजन का मज़ा ले सकेंगे."
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