बॉलीवुड के पितामह और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के दमदार एक्टर पृथ्वीराज कपूर का आज 3 नवंबर को जन्मदिन है. रौबदार आवाज, शानदार एक्टिंग और बेहतरीन पर्सनालिटी रखने वाले पृथ्वीराज कपूर को बॉलीवुड का युगपुरुष भी कहा जाता है. वह कपूर खानदान के पहले शख्स थे, जिन्होंने सिनेमा की दुनिया में कदम रखा. उनकी पांच पीढ़िया एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में काम कर चुकी हैं और सिलसिला अब भी जारी है. उनके जन्मदिन पर आइए जानते हैं उनकी लाइफ के 10 अनसुने और दिलचस्प किस्से..
1. पृथ्वीराज कपूर का जन्म 3 नवंबर, 1906 को फैसलाबाद में हुआ था, जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है और तब उसे लायलपुर नाम से जाना जाता था. तीन साल की छोटी सी उम्र में ही उन्होंने अपनी मां को खो दिया. बड़े हुए तो पेशावर के एडवर्ड्स कॉलेज से हायर एजुकेशन की डिग्री ली. लॉ की पढ़ाई के बाद एक्टिंग में करियर बनाने निकल पड़े.
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2. अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत पृथ्वीराज कपूर ने एक थिएटर आर्टिस्ट के तौर पर की थी.
3. साल 1929 में दो फिल्मों में उन्हें छोटे-छोटे रोल करने का मौका मिला. अपनी अदाकारी की उन्होंने ऐसी छाप छोड़ी कि तीसरी फिल्म 'सिनेमा गर्ल' में लीड रोल में दिखाई दिए. यहां से उन्हें पहचान मिल गई.
4. पृथ्वीराज कपूर ने 9 मूक फिल्मों में भी काम किया. इनमें दो धारी तलवार, शेर-ए-अरब और प्रिंस विजय कुमार भी शामिल हैं. इन फिल्मों में उनकी एक्टिंग के लोग दिवाने हो गए और कपूर साहब सभी के दिल में बस गए.
5. साल 1928 की बात है जब पृथ्वीराज कपूर को मुंबई आना था लेकिन उनके पास उतने पैसे नहीं थे, तब उन्होंने अपनी चाची से पैसे उधार लिए और मुंबई पहुंचे. यहां आकर इम्पीरियल फिल्म्स कंपनी से जुड़ गए और फिल्मों में छोटे छोटे रोल निभाने लगे.
6. साल 1931 में भारत की पहली बोलती फिल्म 'आलम आरा' बनी तब पृथ्वीराज सहायक की जो भूमिका निभाई, वह ऐतिहासिक बन गई. 24 साल की उम्र में ही अलग-अलग आठ नकली दाढ़ियां लगाकर उन्होंने जवानी से बुढ़ापे तक के किरदार निभाए. उनकी इस एक्टिंग की वजह से उन्हें देशभर में पहचान मिली.
7. पृथ्वीराज कपूर एक जाने-माने थिएटर कलाकार थे. इसी को लेकर पृथ्वीराज ग्रांट एंडरसन थिएटर कंपनी एक ब्रिटिश प्लेहाउस में शामिल हुए. उनके शामिल होने के बाद कंपनी इंग्लैंड चली गई. साल 1946 में पृथ्वीराज कपूर ने खुद का पृथ्वी थिएटर बनाया. यह दशकों तक चलता रहा. इस थिएटर में देशभक्ति नाटकों का मंचन करने का फैसला लिया गया. इस थिएटर का मकसद था कि नई पीढ़ी इन नाटकों के जरिए भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल हों.
8. पृथ्वीराज कपूर की सबसे हिट और ब्लॉकबस्टर मूवी मुगल-ए-आज़म थी. 1960 में आई इस फिल्म में वे मुगल सम्राट अकबर की भूमिका में नजर आए. इस फिल्म के लिए उन्होंने सिर्फ एक रुपए ही फीस ली थी.
9. पृथ्वीराज की एक फिल्म 'कल आज और कल 'में कपूर खानदार की तीन पीढ़ियों ने एक्टिंग की. इस फिल्म में उनका बेटा राजकपूर, पोता रणधीर कपूर और खुद पृथ्वीराज में एक्टिंग की. कपूर खानदान भारत में एकमात्र ऐसी फैमिली है, बॉलीवुड में जिनकी पांच पीढ़ियां हैं.
10. साल 1969 में पृथ्वीराज कपूर को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था. साल 1972 में उन्हें मरणोपरांत दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया गया. साल 1996 में थिएटर की स्वर्ण जयंती पर भारतीय डाक ने पृथ्वीराज कपूर की याद में दो रुपए का स्मारक डाक टिकट भी जारी किया था.
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