7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई फिल्म *'ओह माय डॉग' (Oh My Dog)* को दर्शकों और क्रिटिक्स की खूब सराहना मिल रही है। 'ओएमजी 2' (OMG 2) और 'रोड टू संगम' जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके *अमित राय* की इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी, माही राय, गीता अग्रवाल और पवन मल्होत्रा जैसे दमदार एक्टर्स हैं। हालांकि, फिल्म की असली जान इसके दो चार-पैरों वाले एक्टर्स 'ऑस्कर' और 'ब्रूनो' हैं.
फिल्म में चार पैर वाले इन कलाकारों के साथ काम करना किसी चुनौती से कम नहीं था, क्योंकि वे अपने मूड के हिसाब से काम करते हैं, जिसके चलते फिल्म की शूटिंग में अक्सर देरी होती थी. फिल्म में दर्शक जिन डॉग्स की एक्टिंग पर प्यार लुटा रहे हैं, क्या आप जानते हैं कि इनसे एक्टिंग करवाना कितना मुश्किल रहा होगा.
इस किस्से से लेकर फिल्म की रिलीज तक सामने आई हर परेशनी को लेकर एनडीटीवी (NDTV) के साथ मूवी के निर्देशक अमित राय ने खुलकर बातचीत की.
एक तो मेरा ही है दूसरा मिला था एडिडास शोरूम के नीचे
अमित ने बताया कि फिल्म के दो मुख्य डॉग्स के सिलेक्शन पर बात करते हुए अमित राय ने हंसते हुए कहा, "एक तो मेरा ही है, तो आप इसे नेपोटिज्म कह सकते हैं. वह मेरे घर में पलता है और मेरी भाषा समझता है, इसलिए उसके लिए परफॉर्म करना आसान था.
वहीं 'ब्रूनो' की खोज के बारे में उन्होंने बताया कि मुझे कोई ट्रेंड या सर्कस वाला डॉग नहीं चाहिए था. मुझे एक ऐसा देसी डॉग चाहिए था. करीब 200-300 डॉग्स देखने के बाद ट्रेनर सिद्धू मुझे एडिडास शोरूम के नीचे ब्रूनो से मिलवाने लाया. ब्रूनो को देखते ही मेरे दिल से आवाज आई कि यही मेरी फिल्म का स्टार है.
"99.99% लोगों को लगा था ब्रूनो नहीं कर पाएगा
अमित राय ने खुलासा किया कि ब्रूनो को लेने के फैसले पर क्रू के लगभग सभी लोग आशंकित थे. "सबको लगता था कि ब्रूनो बहुत छोटा है, उसने कभी एक्टिंग नहीं की, उसके पैर में बचपन से डिफॉर्मेशन है तो वह दौड़ेगा कैसे? सेट पर लोग डॉग बदलने की सलाह देते रहे, लेकिन मेरा कन्विक्शन पक्का था और आखिरकार उसने अपनी बेहतरीन परफॉर्मेंस से सबको गलत साबित कर दिया.
हमारे चार-पांच बहुत अच्छे ट्रेनर थे.एक मीरा रोड में था और फिर मुझे सिद्धू यानी सिद्धार्थ मिला, जो इस डॉग को लेकर आया था. अच्छी बात यह थी कि उसे फिल्म के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, इसलिए मेरे लिए यह आसान था.
शंख बजाने पर साथ में आवाज निकालता है 'ऑस्कर'
अमित राय ने अपने पालतू डॉग 'ऑस्कर' की एक अनोखी आदत शेयर करते हुए बताया कि वह बचपन से मेरे साथ पूजा में बैठता है. जब भी मैं शंख बजाता हूं या 'ॐ' का उच्चारण करता हूं, वह भी साथ में आवाज निकालता है. वह पूजा का सामान या मंदिर की मर्यादा समझता है और बिना इजाजत पूजा के सामान को हाथ नहीं लगाता."
वह अगर मेरे साथ मंदिर में जाएगा तो गाड़ी में बैठा रहेगा और मेरे बाहर आने का इंतजार करेगा. इसी वजह से वह सिद्धिविनायक भी गया था.
जब शूटिंग के दौरान थक गया ब्रूनो
जानवरों के साथ काम करने के अनुभव पर निर्देशक ने बताया कि एक रात रोड शूटिंग के दौरान ब्रूनो गाड़ी के पीछे भागते-भागते बहुत थक गया था। अगले दिन जब वह धूप में सुसू करके बैठ गया, तब अमित राय को अहसास हुआ कि उससे बहुत ज्यादा मेहनत करवा ली गई . इसके बाद मेकर्स ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उस रनिंग सीक्वेंस को चार अलग-अलग दिनों के छोटे-छोटे शॉट्स में शूट किया ताकि ब्रूनो पर दबाव न पड़े.
रितेश देशमुख, तापसी पन्नू और रवीना टंडन ने की तारीफ
अमित राय ने बताया कि फिल्म देखने के बाद बॉलीवुड इंडस्ट्री से भी जबरदस्त सपोर्ट मिला. फिल्म को रितेश देशमुख ने अपने परिवार के साथ प्रीमियर पर पहुंचे और उन्होंने बिना मांगे सोशल मीडिया पर फिल्म का सपोर्ट करते हुए पोस्ट लिखा. तापसी पन्नू ने फोन करके फिल्म के थ्रिलर और इमोशनल एंगल की तारीफ की.
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