बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर के अचानक निधन से फैंस को झटका लगा है. कभी उन्होंने पुलिस इंस्पेक्टर बनकर लोगों का दिल जीता तो कभी 'उदय भाई' बनकर अपनी अलग पहचान बनाई. लेकिन, एक दौर ऐसा भी था, जब यही अभिनेता फिल्मों की दुनिया में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहा था. हालांकि बाद में वह सिनेमा के दमदार एक्टर बने. उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा. उनके परिवार में उनकी पत्नी नीलाकांति और बेटे मल्हार हैं. हालांकि उनका एक बड़ा बेटा भी था जिसका नाम दुर्वासा था. लेकिन जन्म के कुछ समय बाद ही उसकी मौत हो गई.
नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में अपने बड़े बेटे दुर्वासा को खोने के बारे में खुलकर बात की थी. नाना पाटेकर ने कहा था, “ मेरा बड़ा बेटा जन्म से ही बीमार था. उसे कुछ स्वास्थ्य समस्याएं थीं. उसकी एक आंख में दिक्कत थी, उसे दिखाई नहीं देता था. मुझे इतना दुख हुआ कि जब मैंने उसे देखा, तो मैं यही सोचता रहा कि लोग क्या सोचेंगे, नाना का बेटा कैसा है. मैंने यह नहीं सोचा कि उसे कैसा महसूस हो रहा होगा. मैं सिर्फ यही सोचता रहा कि लोग मेरे बेटे के बारे में क्या सोचेंगे. उसका नाम दुर्वासा था. उसने हमारे साथ ढाई साल बिताए, लेकिन क्या कर सकते हैं, जिंदगी में कुछ चीजें हो जाती हैं.” नाना पाटेकर ने उसी बातचीत में खुलासा किया कि उन्होंने बेटे का नाम हमेशा गुस्से में रहने वाले ऋषि दुर्वासा के नाम पर रखा था.
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उन्होंने बताया था कि बेटे की मौत का उन्हें बड़ा सदमा लगा था. वह उनका इकलौता बेटा था, जिसे उन्होंने खो दिया था. उस वक्त मैं दिन में करीब 60 सिगरेट पीता था. मैं नहाते समय भी सिगरेट पीता था. बदबू के कारण कोई भी मेरी कार में नहीं बैठता था. मैंने कभी शराब नहीं पी लेकिन स्मोकिंग बहुत करता था. मेरी बहन ने उनसे पूछा, तुम और क्या देखना चाहते हो?' यह सुनकर नाना पाटेकर को बहुत दुख हुआ. उन्होंने उसी दिन के बाद से स्मोकिंग करना छोड़ दिया.
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