विज्ञापन

अमिताभ के 60 साल पुराने गाने से MS धोनी ने लिया था क्रिकेट से संन्यास, मुकेश की आवाज, साहिर लुधियानवी के बोल, जीवन की क्षणभंगुरता का संदेश

आज ही के दिन, 2020 में छह साल पहले, 15 अगस्त 2020 को महेंद्र सिंह धोनी ने भारतीय क्रिकेट में अपने शानदार इंटरनेशनल करियर को अलविदा कहा. धोनी ने एक वीडियो मोंटाज पोस्ट किया, जिसमें यश चोपड़ा की 1976 की फिल्म 'कभी-कभी' का मुकेश का गाना "मैं पल दो पल का शायर हूं" बज रहा था.

अमिताभ के 60 साल पुराने गाने से MS धोनी ने लिया था क्रिकेट से संन्यास, मुकेश की आवाज, साहिर लुधियानवी के बोल, जीवन की क्षणभंगुरता का संदेश
अमिताभ के 60 साल पुराने गाने से MS धोनी ने लिया था क्रिकेट से संन्यास
नई दिल्ली:

आज ही के दिन, 2020 में छह साल पहले, 15 अगस्त 2020 को महेंद्र सिंह धोनी ने भारतीय क्रिकेट में अपने शानदार इंटरनेशनल करियर को अलविदा कहा. धोनी ने इंस्टाग्राम पर भारतीय टीम के साथ बिताए यादगार पलों का एक वीडियो मोंटाज पोस्ट किया. इस वीडियो में यश चोपड़ा की 1976 की फिल्म 'कभी-कभी' का मुकेश का गाना "मैं पल दो पल का शायर हूं" बज रहा था. गाने का चुनाव बहुत खास था. शोहरत, समय और यादों के क्षणभंगुर स्वभाव पर आधारित यह गाना उस क्रिकेटर के लिए एक बेहतरीन साउंडट्रैक था.

 15 अगस्त पर MS धोनी का रिटायरमेंट

MS धोनी का इंस्टाग्राम मैसेज हमेशा की तरह छोटा और सीधा था.उन्होंने फैंस से कहा कि वे उन्हें शाम 7:29 बजे से इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर मान लें. साथ ही, उन्होंने अपने भारतीय करियर के यादगार पलों का एक मोंटाज भी शेयर किया. मैदान पर कोई फेयरवेल सेरेमनी नहीं हुई. भारतीय जर्सी में कोई आखिरी पारी नहीं खेली गई. रिटायरमेंट पर कोई लंबा भाषण नहीं हुआ. बस एक वीडियो, एक गाना और कुछ शब्द थे.

समय के चुनाव ने इस पल को और भी खास बना दिया. MS धोनी ने अपने इंटरनेशनल करियर के अध्याय को खत्म करने के लिए भारत के स्वतंत्रता दिवस को चुना. करियर के दौरान उन्होंने देश को सीमित ओवरों के क्रिकेट में कई बड़ी जीत दिलाई थीं. और जो खिलाड़ी अपनी बातों से ज़्यादा अपने काम के लिए जाने जाते हो, उसके लिए इस घोषणा का शांत अंदाज बिल्कुल सही लगा. MS धोनी ने ‘मैं पल दो पल का शायर हूं' गाना क्यों चुना? यह गाना किसी व्यक्ति की मौजूदगी, शोहरत और कहानी के कुछ समय के लिए होने की बात बताता है. यह हमेशा बने रहने का जश्न मनाने के बजाय, इस बात को मानता है कि हर पल आखिरकार बीत जाता है. इसी वजह से यह धोनी के लिए एक अनोखा लेकिन सही चुनाव था. उनका इंटरनेशनल करियर कई यादगार पलों से भरा रहा, जैसे 2007 T20 वर्ल्ड कप और 2011 वर्ल्ड कप की जीत से लेकर 2013 चैंपियंस ट्रॉफी की जीत तक.  

मैं पल दो पल का शायर हूं' के पीछे की कहानी

"मैं पल दो पल का शायर हूं" गाना यश चोपड़ा की 1976 की फिल्म 'कभी-कभी' के साउंडट्रैक का हिस्सा है. यह गाना मुकेश ने गाया था, इसका संगीत खय्याम ने दिया था और इसके बोल साहिर लुधियानवी ने लिखे थे. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, शशि कपूर, वहीदा रहमान, राखी, ऋषि कपूर और नीतू सिंह ने काम किया था. अमिताभ बच्चन ने अमित का किरदार निभाया, जो एक कवि था. प्यार, कविता और गुजरते समय के साथ उसका रिश्ता फिल्म के इमोशनल पहलू का हिस्सा है. साहिर की सोच-विचार वाली लेखनी, खय्याम का संगीत और मुकेश की संयमित आवाज के मेल ने इस गाने को एक ऐसी गहराई दी जो दशकों से बनी हुई है. इसी खूबी की वजह से यह गाना धोनी की विदाई के लिए बहुत असरदार साबित हुआ.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
MS Dhoni, Ms Dhoni Acting, MS Dhoni Retirement News, MS Dhoni Retirement, Main Pal Do Pal Ka Shayar Hoon
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com