हिंदी सिनेमा के मशहूर डायरेक्टर महबूब खान ने 'मदर इंडिया' (1957) जैसी क्लासिक फिल्म दी है. इस फिल्म में नरगिस और सुनील दत्त की एक्टिंग को आज भी याद किया जाता है. लेकिन महबूब खान की आखिरी फिल्म 'सन ऑफ इंडिया' (1962) थी जो बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही. लेकिन इस फिल्म का एक ऐसा गाना है जो आज 64 साल बाद भी स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर हर स्कूल में गूंजता है. ये गाना है, 'नन्हा मुन्ना राही हूं, देश का सिपाही हूं.' आइए जानते हैं इस गाने से जुड़ी कहानी.
मदर इंडिया के डायरेक्टर की फिल्म का धांसू गाना
महबूब खान ने 1962 में 'सन ऑफ इंडिया' लिखी, निर्देशित की और प्रोड्यूस की. फिल्म में मुख्य भूमिका उनके गोद लिए बेटे साजिद खान ने निभाई. कहानी एक अनाथ बच्चे की थी, जो देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत होकर बड़ा होता है. फिल्म में नौशाद का संगीत और शकील बदायूनी के बोल थे. गाने को शांति माथुर ने गाया. 'नन्हा मुन्ना राही हूं' गाना बच्चों की देशभक्ति को दर्शाता है, इसके बोल हैं, 'नन्हा मुन्ना राही हूं, देश का सिपाही हूं, बोलो मेरे संग, जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद जय हिंद, जय हिंद...'
फिल्म भले ही कमर्शियल रूप से असफल रही, लेकिन यह गाना बच्चों के बीच इतना लोकप्रिय हुआ कि स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों का परमानेंट हिस्सा बन चुका है. आज भी स्कूलों में 15 अगस्त को झंडा फहराने के बाद बच्चे इस गाने पर परफॉर्म करते हैं.
महबूब खान ने भारतीय सिनेमा को दुनियाभर में दिलाई पहचान
महबूब खान ने 'मदर इंडिया' के जरिए किसान परिवार की कहानी को दुनियाभर में पहुंचाया, जिसे ऑस्कर के लिए नामांकित किया गया. 'सन ऑफ इंडिया' उनके करियर की आखिरी फिल्म साबित हुई. 1964 में उनका निधन हो गया. फिल्म में सिमी गरेवाल, जयंत और कमलजीत जैसे कलाकार भी थे, लेकिन कहानी बच्चों पर केंद्रित होने के कारण बड़ी उम्र के दर्शकों को कम पसंद आई. आज जब पहले की तरह खास मौकों के लिए गाने कम होते जा रहे हैं, ऐसे में इस तरह के गाने और भी जरूरी हो जाते हैं.
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