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आवारा कुत्तों के हक में आवाज उठा रहे मोहित चौहान, बोले- कुत्तों को शेल्टर में रखने से मदद नहीं मिलेगी

आवारा कुत्तों को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मोहित चौहान ने एनडीटीवी से की खास बातचीत. बोले- सिर्फ कुत्तों को शेल्टर में रखने से मदद नहीं मिलेगी.

आवारा कुत्तों के हक में आवाज उठा रहे मोहित चौहान, बोले- कुत्तों को शेल्टर में रखने से मदद नहीं मिलेगी
आवारा कुत्तों के हक पर बोले मोहित चौहान
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नई दिल्ली:

बॉलीवुड के मशहूर सिंगर मोहित चौहान, जिन्होंने ‘तुम से ही' जैसे दिल को छूने वाले गाने दिए हैं सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश से काफी आहत हैं जिसमें जिसमें सार्वजनिक स्थानों (जैसे स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड आदि) से आवारा कुत्तों को हटाने और विशेष शेल्टर में भेजने के निर्देश दिए गए थे. हाल में एनडीटीवी ने उनसे खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने आवारा कुत्तों के लिए सानुभूति जताते हुए कहा, हमें दयालु होना चाहिए और यह नहीं भूलना चाहिए कि कुत्ते भी जीवित प्राणी हैं. सुप्रीम कोर्ट का पिछला आदेश मेरे लिए चौंकाने वाला था, सड़क कुत्तों का घर है. ABC नियमों को लागू किया जाना चाहिए, सिर्फ कुत्तों को शेल्टर में रखने से मदद नहीं मिलेगी.

बता दें कि हाल में मोहित चौहान ने कुत्तों की तकलीफ को आवाज देते हुए एक गाना रिलीज किया था. उन्होंने हाल ही में ‘मेरी आवाज' नाम का एक गाना रिलीज किया जो पूरी तरह से भारत के सड़क कुत्तों को डेडिकेटेड था. उस वक्त एएनआई से बातचीत में मोहित ने कहा था, “जब मुझे इस फैसले की जानकारी मिली तो मन बहुत परेशान हो गया. ये जीव खुद अपनी बात नहीं कह सकते, इसलिए हमारा फर्ज बनता है कि हम उनकी आवाज बनें और उनकी देखभाल करें.”

उन्होंने आगे बताया कि सड़कों पर इन कुत्तों की मुश्किल जिंदगी देखकर उन्हें लगा कि इंसान होने के नाते हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन मूक प्राणियों की मदद करें, जो खुद अपनी रक्षा नहीं कर पाते. ये जीव बेहद कठिन परिस्थितियों में जीते हैं. ‘मेरी आवाज' सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि एक संदेश है. मोहित का मकसद है कि इस गीत के जरिए बिना आवाज वाले इन जीवों को आवाज मिले और इंसान दया, करुणा व सहानुभूति पर विचार करें.

उन्होंने कहा, “यह गीत उनसे निकला है और इंसानों तक पहुंच रहा है. जीवन अनिश्चित है और हमारे पास अच्छाई करने का बहुत कम वक्त है. संगीत के जरिए यह संदेश फैलाना और लोगों के दिल में दया जगाना मेरा उद्देश्य है.”

मोहित ने सभी प्राणियों के प्रति सम्मान की बात करते हुए कहा कि हर जीव का जीवन अनमोल है. हमें हर प्राणी के साथ सम्मान से रहना चाहिए, क्योंकि जीवन क्षणभंगुर है और अच्छे काम करके ही हम सच्चे इंसान बनते हैं.
यह गाना मोहित चौहान ने खुद कंपोज किया और गाया है, जबकि इसके बोल प्रार्थना गहलोत ने लिखे हैं. ‘मेरी आवाज' के जरिए मोहित ने संगीत को जागरूकता का माध्यम बनाया है ताकि लोग सड़क के इन मासूम कुत्तों के प्रति संवेदनशील बनें.

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