बॉलीवुड की धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित को आज भी फिल्म 'तेजाब' की 'मोहिनी' के रूप में याद किया जाता है. यह वही फिल्म थी जिसने माधुरी दीक्षित के करियर को नई ऊंचाई दी और उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया, लेकिन कम लोग ही जानते हैं कि इस यादगार किरदार के लिए माधुरी का चयन कैसे हुआ था. अब फिल्म के निर्देशक एन. चंद्रा ने इस राज से पर्दा उठाया है और बताया है कि आखिर क्यों इस फिल्म के लिए माधुरी ही उनकी पहली और आखिरी पसंद थीं.
डांस रियलिटी शो 'इंडियाज बेस्ट डांसर सीजन 5' के एक एपिसोड में एन. चंद्रा ने उस दौर की यादें साझा कीं. उन्होंने कहा, "जब मैंने पहली बार माधुरी दीक्षित को देखा था, तभी मुझे लगा था कि इस लड़की में कुछ अलग बात है. उस समय मैंने कई फिल्में एडिट की थीं. इसी दौरान मुझे एक फिल्म के सेट पर जाने का मौका मिला, जहां पहली बार मेरी मुलाकात माधुरी दीक्षित से हुई थी".
एन. चंद्रा ने कहा, "उस समय 'बजरंगी' नाम की एक फिल्म बन रही थी और मैं उसकी एडिटिंग कर रहा था. फिल्म के सेट पर पहुंचने के बाद किसी ने मेरी मुलाकात माधुरी से करवाई. उस समय माधुरी अपने करियर के शुरुआती दौर में थीं. पहली मुलाकात में ही मुझे महसूस हुआ कि इनमें कुछ खास है. शायद उसी पल मेरे मन में यह बात बैठ गई थी कि भविष्य में अगर मौका मिला तो मैं माधुरी के साथ जरूर काम करूंगा."
निर्देशक ने आगे कहा, "जब मैंने 'तेजाब' की कहानी पर काम शुरू किया और 'मोहिनी' के किरदार के बारे में सोचा, तब मेरे दिमाग में केवल एक ही नाम था और वह नाम था माधुरी दीक्षित. इस भूमिका के लिए मेरी पहली पसंद भी माधुरी थीं और आखिरी पसंद भी. मैंने किसी दूसरी अभिनेत्री के बारे में कभी नहीं सोचा, क्योंकि मुझे पूरा भरोसा था कि इस किरदार को वही सबसे बेहतर तरीके से निभा सकती हैं".
एन. चंद्रा ने कहा, "कई बार किस्मत भी बड़ी भूमिका निभाती है. उस समय फिल्म के हीरो अनिल कपूर थे और अनिल कपूर के सेक्रेटरी राकेश नाथ ही माधुरी दीक्षित के भी सेक्रेटरी थे, जिसके चलते दोनों कलाकारों की तारीखें और अन्य जरूरी बातें तय करना आसान हो गया. अगर किस्मत साथ दे तो कई मुश्किल काम भी आसानी से पूरे हो जाते हैं".
11 नवंबर 1988 को रिलीज हुई 'तेजाब' उस दौर की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक बन गई. फिल्म में माधुरी दीक्षित और अनिल कपूर की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया. इसके अलावा अनुपम खेर, चंकी पांडे, किरण कुमार और सुरेश ओबेरॉय जैसे कलाकारों ने भी अहम भूमिकाएं निभाईं. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की और साल 1988 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म बनी.
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