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मां अनुराधा पौडवाल की विरासत संभाल रहीं कविता, विदेशों में यूथ को भा रहा 'कीर्तन क्लबिंग' का नया अंदाज

भजन गायिका अनुराधा पौडवाल की बेटी कविता पौडवाल विदेशों में रहकर युवाओं को वहां अध्यात्म के मार्ग पर ले जा रही है. अपनी विरासत को जिंदा रखते हुए वह विदेशों में किर्तन कलिंब कर यूथ को खुद से जोड़ रही है.

मां अनुराधा पौडवाल की विरासत संभाल रहीं कविता, विदेशों में यूथ को भा रहा 'कीर्तन क्लबिंग' का नया अंदाज
Kavita Paudwal

बॉलीवुड की सुरम्य आवाजों और मशहूर भजन गायिका अनुराधा पौडवाल की विरासत को आगे बढ़ा रहीं उनकी बेटी कविता पौडवाल इन दिनों अपनी एक नई पहल से काफी चर्चा में हैं. अपनी मां के दिखाए रास्ते पर चलते हुए कविता भक्ति संगीत की दुनिया में एक बड़ा नाम बन चुकी हैं. हाल ही में एनडीटीवी को दिए एक खास इंटरव्यू में कविता ने अपने निजी जीवन के दुखद दौर, मां से मिली सीख, और युवाओं के लिए उनके खास प्रोजेक्ट्स पर खुलकर बात की.

विदेशों में कीर्तन क्लबिंग का क्रेज

कविता पौडवाल इन दिनों भारत समेत कई देशों में कीर्तन क्लबिंग (Kirtan Clubbing) के जरिए युवाओं को भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से जोड़ रही हैं. इस कॉन्सर्ट फॉर्मेट को दुनिया भर में शानदार रिस्पांस मिल रहा है.

कविता ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ना चाहती है. जब मैंने देखा कि युवा सिर्फ दर्शक बनकर नहीं, बल्कि पूरे मन से नाचते-गाते हुए मंत्रों का जाप कर रहे थे, तो मुझे अहसास हुआ कि अगर हम अपनी ऊर्जा और प्रस्तुति का तरीका बदलें, तो भारतीय संस्कृति पूरी दुनिया को जोड़ सकती है.

चुनिंदा गाने गाती हैं सिंगर

कविता ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहती है. युवा सिर्फ दर्शक बनकर नहीं, बल्कि पूरे मन से अधायत्म से जुड़ रहे है. ऐसे में भारतीय संस्कृति पूरी दुनिया को जोड़ सकती है.

आज मेरे लिए गानों की संख्या से ज्यादा उनकी गुणवत्ता जरूरी है. इसलिए अब वही गीत गाती हूं, जिनसे दिल से जुड़ सकूं. जो लोगों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव छोड़ें. अब उन्हीं  प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देती हूं जो मेरे मूल्यों और आध्यात्मिक यात्रा के साथ मेल खाए. भक्ति संगीत हमेशा से मेरे जीवन का हिस्सा रहा है इसलिए  इसलिए जल्दबाजी में बहुत सारे गाने करने के बजाय कुछ ऐसे गीत करना पसंद करती हूं जो वर्षों तक लोगों के दिलों में जीवित रहें. 

मां अनुराधा पौडवाल से मिली सबसे बड़ी सीख

अपनी मां अनुराधा पौडवाल को गुरु मानने वाली कविता ने कहा कि अनुशासन, विनम्रता और रियाज़ ही उनकी असली पूंजी है. मां ने हमेशा सिखाया कि अगर आवाज ईश्वर का वरदान है, तो उसका इस्तेमाल भी ईश्वर की सेवा में ही होना चाहिए. लाखों फैंस का प्यार मिलने के बाद भी अनुराधा जी की सादगी ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है.

राम मंदिर सुरक्षा और मंदिर अनुशासन पर रखी राय

सिंगर ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है. वहां किसी भी तरह की अप्रिय घटना होना निश्चित रूप से दुखद और चिंताजनक है. मंदिर केवल पत्थरों से बनी इमारत नहीं होते, वे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का घर होते हैं. इसलिए ऐसे स्थानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की.

इसके अलावा उन्होंने लोगों से धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि  मंदिर कोई पिकनिक स्पॉट, सेल्फी पॉइंट या घूमने की जगह नहीं हैं। वहाँ शांत रहकर दिव्य ऊर्जा से जुड़ना चाहिए और मंदिर के वातावरण की पवित्रता और गरिमा बनाए रखनी चाहिए

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