विज्ञापन

43 दिनों के हनुमान चालीसा संकल्प से शुरू हुई थी ‘हनुमान अंश’, निर्देशक ने बताई दिलचस्प कहानी

फिल्म “हनुमान अंश” बॉक्स ऑफिस पर स्लीपर हिट साबित हुई है. महज 1.8 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने रिलीज के करीब 25 दिनों में 46.63 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है.

43 दिनों के हनुमान चालीसा संकल्प से शुरू हुई थी ‘हनुमान अंश’, निर्देशक ने बताई दिलचस्प कहानी
43 दिनों के हनुमान चालीसा संकल्प से शुरू हुई थी ‘हनुमान अंश’
NDTV

फिल्म “हनुमान अंश” बॉक्स ऑफिस पर स्लीपर हिट साबित हुई है. महज 1.8 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने रिलीज के करीब 25 दिनों में 46.63 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है. फिल्म की सफलता के बीच एनडीटीवी ने निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी और नीम करौली बाबा का किरदार निभाने वाले शोभिनव सत्य से खास बातचीत की. इस दौरान दोनों ने फिल्म के सेट के सात्विक माहौल, शोभिनव के चयन, बाबा के प्रति अपनी आस्था और फिल्म के सीक्वल को लेकर बात की.

इंटरव्यूअर: शोभिनव, आपने अपने रहन-सहन और रोजमर्रा की जिंदगी में क्या बदलाव किए?

शोभिनव: सर ने सेट का पूरा माहौल सात्विक रखा था. वहां गाली-गलौज नहीं होती थी, कोई नशा नहीं करता था और सर खुद भी बहुत शांत रहते थे. उन्होंने फिल्म की शुरुआत 43 दिनों के हनुमान चालीसा संकल्प से की थी. हम सेट पर भी आधे-आधे घंटे हनुमान चालीसा पढ़ते थे. मुझे लगता है कि फिल्म में जो दिव्य शक्ति महसूस होती है, उसकी एक बड़ी वजह यही है.

इंटरव्यूअर: क्या आप पहले से नीम करौली बाबा के भक्त थे?

शोभिनव: जी, मैं पहले से बाबा का भक्त था. जैसे ही मुझे पता चला कि ये बाबा पर फिल्म है, मैं तुरंत तैयार हो गया. उस समय मैं अपने चाचा की मृत्यु के कारण गांव गया हुआ था, लेकिन सब कुछ छोड़कर मुंबई आ गया क्योंकि मुझे ये फिल्म करनी थी.

विशाल: मैं एक बात कहना चाहूंगा कि शोभिनव में कई सकारात्मक चीजें थीं. मैंने इसे कभी गाली-गलौज करते नहीं सुना. ये शाकाहारी था और बहुत हंसमुख भी था. बिना अभद्रता के लोगों को हंसा पाना इसकी खूबी थी. ये चीजें मुझे बहुत पसंद आईं.

इंटरव्यूअर: आपने इन्हें कब कास्ट किया? आप इन्हें कितने समय से जानते थे?

विशाल: मैं इसे सिर्फ 15-20 दिन से जानता था. ये मेरी टीम में सहायक के तौर पर आया था. दरअसल, जो कलाकार महाराज जी का किरदार निभाने वाला था, वो शूटिंग के दौरान अचानक बहुत बीमार हो गया. हमें लगा कि उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ सकता है और हमारे पास किसी दूसरे कलाकार को मुंबई से बुलाने का समय नहीं था.

मैंने सोचा कि शोभिनव का परीक्षण कर लेते हैं. मुझे ये भी ठीक से पता नहीं था कि इसने पहले कितना अभिनय किया है. हम चित्रकूट में तुलसी घाट पर नाव में इसका दृश्य-दर-दृश्य परीक्षण कर रहे थे.

शुरुआत में ये भी थोड़ा असहज था. करीब तीन घंटे बाद मैंने पूछा कि तुम्हारे मन में क्या चल रहा है. इसने कहा कि उसे डर है कि लोग उसकी तुलना पहले वाले कलाकार से करेंगे और पता नहीं वो महाराज जी के किरदार में फिट बैठेगा या नहीं.

मैंने इसे समझाया कि अगर इसे कास्ट करता हूं तो इसकी सफलता और असफलता दोनों की जिम्मेदारी मेरी होगी. तुम्हें सिर्फ अपनी खूबियों को सामने लाना है और महाराज जी की भाव-भंगिमाओं को समझकर किरदार निभाना है.

इसके बाद इसके अंदर सहजता आ गई. मैंने इसे एक हास्य दृश्य भी दिया और उसने उसे बहुत अच्छी तरह किया. उसके बाद मुझे लगा कि ये महाराज जी का किरदार निभा सकता है. हम पास के हनुमान मंदिर गए और वहां हनुमान जी को धन्यवाद दिया. मुझे अंदर से लग गया था कि ये हो गया है.

इंटरव्यूअर: फिल्म करने के बाद क्या आपने अपने अंदर कोई बदलाव महसूस किया?

शोभिनव: जी, बहुत कुछ बदला. शूटिंग के दौरान मैं बहुत सारी चीजें करने लगा था. मुझे जनेऊ धारण करवाया गया तो मैं उसका पालन करने लगा. चित्रकूट में कई गांव के लोग मुझे सच में बाबा समझकर पैर छूते थे. उस समय मुझे लगता था कि बाबा का आशीर्वाद हमारे साथ है. सिर्फ मैंने नहीं, पूरी टीम ने वहां बाबा की मौजूदगी महसूस की.

इंटरव्यूअर: क्या “हनुमान अंश” का सीक्वल आएगा?

विशाल: जैसे महाराज जी की कृपा और उनकी इच्छा से ये फिल्म बनी है, उसी तरह सीक्वल के लिए भी उनका संकेत मिलेगा तो हम बनाएंगे. सीक्वल का वादा तो है क्योंकि कथा अभी शेष है, लेकिन कब बनेगा और क्या होगा, अभी मुझे नहीं पता. मैंने अभी तक उसका एक पन्ना भी नहीं लिखा है.

इंटरव्यूअर: फिल्म की सफलता के बाद दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री से कैसी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं?

शोभिनव: दर्शक मेरे अंदर महाराज जी को देखते हैं. मैं उनसे यही कहता हूं कि मैं तो महाराज जी का दास हूं और उन्हीं की कृपा से सब कुछ हो रहा है. फिल्म इंडस्ट्री से अभी बहुत ज्यादा प्रस्ताव नहीं आए हैं क्योंकि मेरा कोई फिल्मी संपर्क नहीं रहा है.

इंटरव्यूअर: क्या आप दोनों ने कैंची धाम जाने की योजना बनाई है?

विशाल: पिछले करीब 15 दिनों से हम लोग यात्रा पर हैं. हम बाबानिया गए, जहां महाराज जी ने बचपन में साधना की थी. इसके अलावा सालासर बालाजी, कष्टभंजन हनुमान जी, श्रीनाथ जी, दिल्ली, अलीगढ़, आगरा और वृंदावन होते हुए महाराज जी की समाधि तक गए. कैंची धाम भी जाएंगे. वहां कहते हैं कि बुलावा आता है. हमारा बुलावा जैसे ही आएगा, हम पहुंच जाएंगे.

इंटरव्यूअर: बहुत-बहुत शुक्रिया आप दोनों से बात करने के लिए और शुभकामनाएं.

ये भी पढ़ें; 3 घंटे 17 मिनट की 'मिर्जापुर' को लेकर बढ़ा क्रेज, पहले दिन वीकेंड में होगी इतनी कमाई

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Hanuman Ansh, Hanuman Ansh Box  office Collection, Hanuman Ansh Box Office, Hanuman Ansh Budget, Hanuman Ansh Cast
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com