Iran-Israel War: बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा गुप्ता मिडिल ईस्ट वार के बीच अबू धाबी में फंसी हुई थीं. अब वह सुरक्षित उन्होंने घर वापसी की है. उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए UAE अधिकारियों और भारत सरकार का शुक्रिया अदा किया है. ईशा ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा नोट लिखकर अपना अनुभव शेयर किया. उन्होंने लिखा, “घर वापस आ गई हूं. आप सभी की प्रार्थनाओं और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद. हम सभी जिस स्थिति में थे, उसमें होना बहुत मुश्किल था. सुरक्षित रहने के लिए भगवान का आशीर्वाद है.”
उन्होंने लिखा, यह तब शुरू हुआ जब मैं 28 तारीख, रविवार को एयरपोर्ट पर थी. दोपहर 1 बजे तक एयरपोर्ट बंद हो गया था, चारों ओर अफरा-तफरी मची हुई थी. हममें से किसी को नहीं पता था कि क्या हुआ. फिर मिसाइल हमले की खबरें आने लगीं और किसी को नहीं पता था कि अगले मिनट हमारे लिए क्या होने वाला है. "अजनबी एक-दूसरे को दिलासा दे रहे थे, सभी अपने घर पर अपने परिवारों को फोन कर रहे थे." ईशा ने कहा कि जब वह अबू धाबी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर थीं, तो उन्होंने UAE की हिम्मत को खुद देखा.
ग्राउंड स्टाफ और एयरपोर्ट सिक्योरिटी तुरंत एक्शन में आ गए और पूरे समय शांत रहे. भले ही हम सब एक साथ इस सिचुएशन में थे. मैंने तब तक खुद चेक-इन नहीं किया था. इसलिए मैं वापस अबू धाबी में अपने होटल चली गई. सबसे पहले उन्होंने सभी पैसेंजर्स को एयरपोर्ट पर खाने के लिए जितना हो सके उतना कैश दिया. बेशक, सभी को अपना सामान लेने और अधिकारियों के चीजों को ठीक करने के लिए इंतजार करना पड़ा, लेकिन कुछ घंटों के बाद, हर पैसेंजर को लाइन में लगना पड़ा और उन सभी को अबू धाबी के सभी अवेलेबल होटलों में रहने की जगह दी गई." उस रात 9 बजे तक, उनके पास शहर और आइलैंड के अलग-अलग होटलों में जाने के लिए बसें तैयार थीं.” उनके मुताबिक, सरकार ने होटलों को रहने और खाने का इंतजाम करने का निर्देश तब दिया था.
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उन्होंने आगे कहा, “कमरों में अजनबी लोग फंसे हुए नहीं थे, बल्कि परिवार या दोस्त ही साथ रहें. ऐसा उन्होंने व्यवस्था किया. हम सभी को UAE के MOI से हमारे फोन पर पनाह लेने के लिए नोटिफिकेशन और अलार्म मिल रहे थे. जब उन्हें हालात शांत लग रहे थे, तो हमें भरोसा दिलाने वाले अलर्ट भी मिल रहे थे.” ईशा ने होटल स्टाफ और जरूरी सर्विस देने वालों की भी तारीफ की.
उन्होंने कहा, हम डरे हुए थे, लेकिन कोई अफरा-तफरी नहीं थी. होटल सिक्योरिटी सभी को भरोसा दिलाती रही. “सब अंदर से डरे हुए थे पर हम सब इसमें साथ थे. एतिहाद ने हम सभी को रीबुकिंग या रिफंड के लिए मेल/मैसेज भेजे थे.”“हम अगली फ्लाइट से घर जाने की उम्मीद में एयरलाइन को कॉल करते रहे, जब तक हम अपने देश वापस नहीं आ गए. उस एयरलाइन के कॉल पर ग्राउंड स्टाफ सबसे ज्यादा मददगार थे. हम बहुत पहले एयरपोर्ट पहुंच गए थे इसलिए हम खुशकिस्मत थे कि एतिहाद की पहली कमर्शियल फ्लाइट में थे जो कल दोपहर दिल्ली के लिए उड़ी थी.” “एयरपोर्ट पूरी तरह से चालू नहीं था, फिर भी, स्टाफ हर तरह से मदद करने के लिए तैयार था.” अपने नोट के आखिर में ईशा ने अधिकारियों के मिलकर किए गए कामों की तारीफ की.
“यह सब एक देश की रीढ़ और उसकी ताकत दिखाता है, उन्होंने जरूरत पड़ने पर एक्शन लिया. उन्होंने कहा, “आपका देश सच में खास है.” उन्होंने नागरिकों की सुरक्षित वापसी पक्का करने के लिए मिलकर काम करने के लिए भारत सरकार और UAE लीडरशिप को भी धन्यवाद दिया.
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