असमिया सिनेमा के इतिहास में ऐसा इमोशनल और रिकॉर्डतोड़ पल शायद ही कभी देखा गया हो. जुबीन गर्ग की आखिरी फिल्म ‘रॉय रॉय बिनाले' ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाई, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी गहरी जगह बना ली. नौ हफ्तों की शानदार रन के बाद भी फिल्म ने दसवें हफ्ते तक थिएटर्स में मजबूती बनाए रखी और कुल मिलाकर भारत में लगभग 42 करोड़ रुपये की ग्रॉस कमाई कर ली. ये फिल्म अब तक की सबसे बड़ी असमिया हिट साबित हुई है, और इसका सबसे बड़ा क्रेडिट जाता है उन भावनाओं को, जो दर्शकों ने अपने फेवरेट कलाकार जुबीन गर्ग के लिए महसूस की.
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जुबीन गर्ग की आखिरी याद
राज्य सरकार ने फिल्म से मिली 2.90 करोड़ रुपये की जीएसटी राशि को एनजीओ को दान में देने का फैसला किया. इस फैसले ने फिल्म के प्रति लोगों का रुख बदल दिया फिल्म ने असम के भीतर ही लगभग 38 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया. जबकि बाकी भारत से करीब 4 करोड़ रुपये जुटाए. रिलीज के पहले हफ्ते में पूरे राज्य के हर सिनेमा स्क्रीन पर सिर्फ यही फिल्म चलाई गई. ये अपने आप में एक खास कदम था. दर्शकों ने इसे सिर्फ फिल्म की तरह नहीं, बल्कि जुबीन गर्ग को सामूहिक श्रद्धांजलि की तरह अपनाया. पहले सात दिनों तक लगभग सभी शो हाउसफुल चले और फिल्म ने शुरुआती हफ्ते में ही सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए.
दर्शकों की भावनाओं ने बनाई इसे सांस्कृतिक घटना
‘रॉय रॉय बिनाले' की सक्सेस सिर्फ नंबरों की कहानी नहीं है. बल्कि उस प्यार की कहानी है जो लोगों ने जुबीन गर्ग के लिए जताया. उनकी आवाज, उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और दर्शकों से उनका गहरा रिश्ता इस फिल्म के हर शो में महसूस हुआ. लोग परिवारों के साथ थिएटर पहुंचे, कई जगहों पर भावुक माहौल दिखा. माना जा रहा है कि इस फिल्म ने जो बेंचमार्क सेट किए हैं, उन्हें आने वाले सालों तक कोई और असमिया फिल्म के लिए पार करना मुश्किल होगा.
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