बॉलीवुड में कई बार किस्मत ऐसा खेल खेलती है कि सब कुछ ठीक चलने के बावजूद एक पल में पूरी कहानी बदल जाती है. एक ऐसे ही अभिनेता के साथ भी कुछ ऐसा हुआ, जिसने एक बड़ी फिल्म की करीब 60 प्रतिशत शूटिंग पूरी कर ली थी. उन्हें पूरा भरोसा था कि ये रोल उनके करियर का अहम पड़ाव बनेगा, लेकिन अचानक मेकर्स ने ऐसा फैसला लिया कि फिल्म उनके हाथ से निकल गई. हैरानी की बात ये रही कि बाद में उसी किरदार ने हिंदी सिनेमा को ऐसा खलनायक दिया, जिसे आज भी लोग सबसे यादगार विलेन मानते हैं.
60 प्रतिशत शूटिंग के बाद बदल गया फैसला
ये किस्सा 'मिस्टर इंडिया' फिल्म से जुड़ा है. दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें निर्देशक शेखर कपूर ने मोगैंबो के किरदार के लिए चुना था. उन्होंने इस रोल की करीब 60 प्रतिशत शूटिंग भी पूरी कर ली थी. लेकिन कुछ समय बाद मेकर्स ने फैसला बदल दिया और उन्हें फिल्म से बाहर कर दिया.
फिर अमरीश पुरी बने मोगैंबो
अनुपम खेर के मुताबिक, मेकर्स को लगा कि वो मोगैंबो के किरदार के लिए पूरी तरह फिट नहीं बैठ रहे हैं. इसके बाद ये रोल अमरीश पुरी को दिया गया. अमरीश पुरी ने अपनी दमदार आवाज, शानदार स्क्रीन प्रेजेंस और जबरदस्त अभिनय से मोगैंबो को ऐसा निभाया कि ये किरदार हमेशा के लिए अमर हो गया. आज भी मोगैंबो का नाम लेते ही सबसे पहले अमरीश पुरी की याद आती है.
हार नहीं मानी और आगे बढ़ते रहे
किसी बड़ी फिल्म से बाहर होना किसी भी कलाकार के लिए आसान नहीं होता, लेकिन अनुपम खेर ने इसे अपनी मंजिल नहीं बनने दिया. उन्होंने लगातार मेहनत की और चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में 550 से अधिक फिल्मों में काम किया. आज वो हिंदी सिनेमा के सबसे सम्मानित अभिनेताओं में गिने जाते हैं. जल्द ही वो फिल्म 'फौजी' में साउथ सुपरस्टार प्रभास के साथ नजर आएंगे. उनका सफर बताता है कि एक मौका हाथ से निकल जाए, तो भी मेहनत और हुनर इंसान को नई पहचान दिला सकते हैं.
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