बॉलीवुड एक्ट्रेस अनन्या पांडे के भरतनाट्यम पर इन दिनों सोशल मीडिया में खूब हंगामा मचा हुआ है. फिल्म ‘चांद मेरा दिल' में उनके क्लासिकल डांस सीक्वेंस को लेकर लोग जमकर ट्रोल कर रहे हैं. किसी ने इसे ‘भरतनाट्यम का सत्यानाश' कहा तो किसी ने इसे संस्कृति के साथ खिलवाड़ बता दिया. लेकिन इसी बहस के बीच सिनेमा प्रेमी एक पुराने साउथ सुपरस्टार का वीडियो शेयर कर रहे हैं और बता रहे हैं कि फिल्मों में एक कलाकार आखिर डांसर कैसे बनता है. बात हो रही है मोहनलाल की जिन्होंने बिना प्रोफेशनल डांसर हुए भी पर्दे पर ऐसा कमाल दिखाया कि लोग आज तक उनकी मिसाल देते हैं. हाल ही में मोहनलाल की दृश्यम 3 सिनेमाघरों में रिलीज हुई है जिसमें बॉक्स ऑफिस पर खूब सपोर्ट मिल रहा है.
एक्टिंग के हुनर ने डांस को बना दिया यादगार
फिल्मों में हर कलाकार असली डांसर नहीं होता. लेकिन एक अच्छा एक्टर इतना जरूर कर सकता है कि दर्शकों को यकीन दिला दे कि वो सच में उस कला को जी रहा है. यही वजह है कि आज मोहनलाल का ‘कमलदलम' और ‘वनप्रस्थम' वाला डांस सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में है. जो ट्विटर पर वायरल हो रहा है.
इस ट्वीट के मुताबिक ‘कमलदलम' में मोहनलाल ने भरतनाट्यम और क्लासिकल डांस की बारीकियों को समझने के लिए बेसिक ट्रेनिंग ली थी. उन्होंने सिर्फ स्टेप्स नहीं सीखे, बल्कि बॉडी लैंग्वेज, जेश्चर और एक्सप्रेशन पर भी मेहनत की. यही कारण था कि स्क्रीन पर उनका डांस कभी मजाक या पैरोडी नहीं लगा.
When an actor plays a dancer on-screen, especially a classical dancer, expectations are huge. I can think of two male actors who were great in this regard. Kamal Hassan was a trained dancer and pulled off a milestone like Sagara Sangamam in the 1980s. But a good actor ( though an… https://t.co/seSs4gSNps pic.twitter.com/coBhDT5Mrp
— Arjun Narayanan (@madraswallah) May 25, 2026
इसके बाद ‘वनप्रस्थम' में उन्होंने कथकली कलाकार का किरदार निभाया और इसके लिए दिग्गज गुरु कलामंडलम गोपी से डांस सीखा. दर्शकों को लगा ही नहीं कि वो ट्रेंड कथकली डांसर नहीं हैं.
अनन्या पांडे पर क्यों भड़के लोग?
‘चांद मेरा दिल' में अनन्या पांडे एक इंजीनियरिंग स्टूडेंट और भरतनाट्यम डांसर चांदनी के रोल में हैं. फिल्म का वही डांस सीन अब वायरल हो चुका है. जिसमें लक्ष्य लालवानी का किरदार उन्हें देखकर इंप्रेस हो जाता है. लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स को अनन्या की मुद्राएं, बॉडी पॉश्चर और एक्सप्रेशन बिल्कुल ठीक नहीं लगे. हालांकि इसे रोबोटिक और भरतनाट्यम का फ्यूजन बताया जा रहा है.
लेकिन कई फैंस का कहना है कि क्लासिकल डांस सिर्फ कॉस्ट्यूम पहन लेने से नहीं आता. उसमें सालों की साधना झलकती है. हालांकि कुछ फैंस ने अनन्या का बचाव भी किया और इसे कोरियोग्राफर और निर्देशक की जिम्मेदारी बताया.
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