अमिताभ बच्चन को अपने करियर के शुरुआती दिनों में अपनी लंबाई और लुक की वजह से काफी संघर्ष का सामना करना पड़ा. अमिताभ बच्चन के 'एंग्री यंग मैन' बनने से पहले इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा. उनकी बहुत ज्यादा लंबाई और अलग तरह का लुक, जो बाद में उनकी स्क्रीन पर्सनैलिटी का हिस्सा बन गया. शुरुआत में कमी मानी गई. बिग बी ने उन दिनों को याद किया, कैसे प्रोड्यूसर्स ने उनसे कहा था कि उनके लुक की वजह से उनके साथ काम करने के लिए कोई लीड एक्ट्रेस मिलना मुश्किल हो सकता है.
अमिताभ बच्चन ने अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद किया
'कौन बनेगा करोड़पति 18' के हालिया एपिसोड में विनम्र नाम के एक कंटेस्टेंट, जिनके दादाजी फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर थे. उन्होंने अमिताभ बच्चन के सिग्नेचर हेयरस्टाइल और लंबे साइडबर्न के बारे में बात की, जो 1970 के दशक में उनकी पहचान बन गए थे. इसके बाद एक्टर ने इंडस्ट्री में अपने शुरुआती दिनों को याद किया और बताया कि उस हेयरस्टाइल के पीछे एक खास वजह थी. होस्ट ने कहा, "सर, बात यह है कि जब हम फिल्मों में आए और काम ढूंढ रहे थे, तो प्रोड्यूसर्स हमसे दो बातें कहते थे. एक तो यह कि हमारी लंबाई बहुत ज़्यादा है, इसलिए कोई हीरोइन हमारे साथ काम नहीं करेगी और दूसरी यह कि हमारा चेहरा बहुत छोटा है. तो, उस कमी को पूरा करने के लिए हमने अपने बाल बढ़ाए और उन्हें कनपटी तक बढ़ने दिया ताकि हमारा चेहरा भरा-भरा लगे."
अमिताभ बच्चन ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत 1969 में मृणाल सेन की फिल्म 'भुवन शोम' में नैरेटर के तौर पर की थी, जिसके बाद उन्होंने ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म 'सात हिंदुस्तानी' से एक्टिंग में कदम रखा. यह फिल्म कमर्शियली सफल नहीं रही. इसके बाद भी वे सपोर्टिंग और छोटे रोल करते रहे. शुरुआती दौर में बिग बी की कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं और उन्हें एक लीडिंग एक्टर के तौर पर अपनी पहचान बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा. करियर के इस दौर में उन्हें "असफल न्यूकमर" तक कहा गया.उनके करियर में बड़ा मोड़ 1973 में 'जंजीर' फिल्म से आया. उस समय जब हिंदी सिनेमा में रोमांटिक हीरो का बोलबाला था, तब वह इंस्पेक्टर विजय के रोल में छा गए. फिल्म की सफलता ने उन्हें एक बड़ा स्टार बना दिया और आखिरकार उन्हें बॉलीवुड के "एंग्री यंग मैन" की पहचान मिली.'ज़ंजीर' के बाद उन्होंने कई शानदार फिल्में दीं, जिनमें 'दीवार', 'शोले', 'त्रिशूल', 'डॉन', 'मुकद्दर का सिकंदर' और 'काला पत्थर' शामिल हैं. इन फिल्मों ने 1970 और 1980 के दशक की शुरुआत में हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े स्टार्स में से एक के तौर पर बच्चन की जगह पक्की कर दी.
अमिताभ बच्चन की आने वाली फिल्म
2024 में रिलीज हुई नाग अश्विन की फिल्म 'कल्कि 2898 AD' में अश्वत्थामा के रोल के लिए अमिताभ बच्चन की काफी तारीफ हुई. क्रिटिक्स और दर्शकों, दोनों ने ही उनके रोल को खूब सराहा. उनके एक्शन सीन और स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी फिल्म की खासियतों में से एक रही. बिग बी इसके सीक्वल में भी यही रोल निभाएंगे, जिस पर अभी काम चल रहा है.
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