स्टेज पर चमकती लाइट्स, सिर पर ताज और चेहरे पर कॉन्फिडेंस, अदिति गोवित्रिकर की यही पहचान रही है. लेकिन इस चमक के पीछे एक ऐसी कहानी भी है, जिसे उन्होंने सालों तक खुद तक सीमित रखा. अदिति एक इंडियन मॉडल और एक्ट्रेस हैं, जिन्होंने साल 2001 में मिसेज वर्ल्ड का खिताब जीतकर इतिहास रचा था. वो ये ताज जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं. मिसेज वर्ल्ड बनने के बाद उन्होंने मॉडलिंग और एक्टिंग की दुनिया में भी अपनी जगह बनाई और हमेशा एक मजबूत पर्सनालिटी के तौर पर सामने रहीं. हाल ही में अदिति ने अपने बचपन से जुड़े उसे दर्दनाक अनुभवों को शेयर किया जो किसी को भी झकझोर कर रख सकता है.
अदिति ने सुनाया बचपन का हुआ गलत

हाल ही में एक इंटरव्यू में अदिति ने अपनी जिंदगी का सबसे निजी सच साझा किया. उन्होंने बताया कि सिर्फ 6 साल की उम्र से ही उन्हें ऐसे अनुभव झेलने पड़े, जिन्हें उस उम्र में समझ पाना मुश्किल था. डर और बेचैनी बिना वजह उनके साथ रहने लगी थी. अदिति ने कहा कि वो लंबे समय तक ये ही नहीं समझ पाईं कि उनके साथ जो हो रहा है वो गलत है. यही वजह रही कि ये बातें सालों तक उनके अंदर दबी रहीं और बाहर उनकी मुस्कान सब कुछ ठीक होने का एहसास देती रही.
पिता के दोस्त ने की गलत हरकत

अदिति के मुताबिक, उनके लिए सबसे परेशान करने वाली घटनाएं पनवेल में हुईं. एक मामले में उनके पिता का दोस्त शामिल था, जबकि दूसरी बार एक अनजान शख्स ने गलत हरकत की. उन्होंने माना कि जब कोई जान-पहचान वाला आपकी हद पार करता है, तो वो डर और भरोसे के टूटने जैसा होता है. इन घटनाओं को समझने और स्वीकार करने में उन्हें कई साल लग गए. ये यादें उनके लिए सिर्फ बीता हुआ वक्त नहीं, बल्कि एक ऐसा एहसास हैं जो आज भी उनके साथ चलता है.
अदिति ने बताया डर से आवाज तक का सफर

अदिति ने बताया कि पढ़ाई के लिए जब वो मुंबई आईं, तब भी सेफ्टी को लेकर डर बना रहा. 12वीं के वक्त वो बस से सफर करती थीं और खुद को बचाने के छोटे-छोटे तरीके सीख चुकी थीं. आज भी अगर कोई पब्लिक जगह पर बहुत पास आ जाए, तो उनका शरीर अपने आप रिएक्ट करता है. उन्होंने कहा कि इन बातों पर खुलकर बोलने में उन्हें करीब 15 साल लग गए. अब अदिति चुप नहीं रहतीं और मानती हैं कि हर लड़की को अपनी ताकत पहचाननी चाहिए और गलत को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं