सिनेमा के कुछ गाने ऐसे होते हैं जो सिर्फ किसी फिल्म का हिस्सा नहीं रहते, बल्कि अपनी अलग पहचान बना लेते हैं. ऐसा ही एक गाना है ‘ये पब्लिक है', जिसे आज भी सुनें तो इसके बोल और अंदाज पुराने नहीं लगते. साल 1974 में आई फिल्म रोटी के इस गाने में राजेश खन्ना नजर आए थे और इसे अपनी आवाज दी थी सदाबहार गायक किशोर कुमार ने. गाने के बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे, जबकि संगीत लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का था. पब्लिक की समझ और उसकी ताकत को मजेदार अंदाज में पेश करता यह गाना आज भी लोगों को याद है.
राजेश खन्ना और ‘रोटी' की कहानी
रोटी का निर्देशन मनमोहन देसाई ने किया था और फिल्म में राजेश खन्ना ने मंगल सिंह का किरदार निभाया था. उनके साथ मुमताज मुख्य भूमिका में थीं. फिल्म की कहानी एक ऐसे अपराधी मंगल सिंह के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पुलिस से बचते हुए एक गांव पहुंचता है और वहां नई पहचान के साथ रहने लगता है. कहानी में इमोशन, एक्शन और ड्रामा तीनों का मेल देखने को मिलता है. फिल्म में निरूपा रॉय, ओम प्रकाश, जगदीप, असित? नहीं, बल्कि असल में असरानी, विजय अरोड़ा, पिंचू कपूर, सुजीत कुमार और वीजू खोटे जैसे कलाकार भी नजर आए थे.
किशोर कुमार की आवाज ने बना दिया खास
‘ये पब्लिक है' की सबसे खास बात इसके सीधे-सपाट लेकिन बेहद असरदार बोल हैं. गाने को किशोर कुमार ने गाया था और इसके शब्द आनंद बख्शी की कलम से निकले थे. लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की धुन ने इसे ऐसा अंदाज दिया कि गाना फिल्म से निकलकर अलग पहचान बनाने में कामयाब रहा. फिल्म में जितेंद्र ने भी गेस्ट अपीयरेंस किया था.
गाना देखने के लिए यहां करें क्लिक
रोटी के साउंडट्रैक में किशोर कुमार के कई गाने थे, जिनमें ‘नाच मेरी बुलबुल' और ‘यार हमारी बात सुनो' भी शामिल हैं. वहीं ‘गोरे रंग पे ना इतना गुमान कर' में किशोर कुमार के साथ लता मंगेशकर की आवाज सुनाई दी थी.
बॉक्स ऑफिस पर भी चली थी ‘रोटी'
11 अक्टूबर 1974 को रिलीज हुई रोटी उस दौर की चर्चित फिल्मों में शामिल रही. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और 1974 की टॉप कमाई करने वाली हिंदी फिल्मों की सूची में भी जगह बनाई. फिल्म की सफलता ने मनमोहन देसाई की मसाला फिल्मों वाली शैली को भी मजबूत किया. इसका एक दिलचस्प ट्रिविया यह है कि रोटी को बाद में तेलुगु में ‘Neram Nadi Kadu Akalidi' नाम से रीमेक किया गया था.
52 साल बाद भी ‘ये पब्लिक है' की खासियत यही है कि इसका विषय किसी एक दौर तक सीमित नहीं है. पब्लिक क्या देखती है, क्या समझती है और कब क्या फैसला करती है- गाना इसी बात को अपने मजेदार अंदाज में सामने रखता है. शायद यही वजह है कि किशोर कुमार की आवाज में रिकॉर्ड यह पुराना गीत आज भी सुनने पर एकदम ताजा महसूस होता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं