बॉलीवुड और रोमांस का बेहद गहरा नाता रहा है. इस जॉनर पर हजारों गाने बने हैं, लेकिन कुछ गीत ऐसे हैं, जिनमें रिश्तों की मिठास और प्यार की मासूमियत आज भी महसूस होती है. 1997 में आई एक फिल्म का ऐसा ही एक गाना पति-पत्नी के रिश्ते की खूबसूरती को बेहद दिलकश अंदाज में पेश करता है. स्क्रीन पर अनिल कपूर और तब्बू की जोड़ी, कानों में कुमार शानू और के. एस. चित्रा की सुरीली आवाज और जावेद अख्तर की कलम से निकले खूबसूरत बोलो ने मिलकर इस गाने को यादगार बना दिया है. करीब तीन दशक बाद भी इसकी धुन सुनते ही 90 के दशक का रोमांटिक दौर आंखों के सामने घूमने लगता है. हम बात कर रहे हैं फिल्म विरासत के सुपरहिट गाने 'पायलै चुनमुन चुनमुन, झंझरे रुनझुन रुनझुन' की.
अनिल कपूर-तब्बू की जोड़ी ने जीता दिल
यह गाना फिल्म की कहानी में पति-पत्नी के बीच के प्यार और रोमांटिक रिश्ते को खूबसूरती से सामने लाता है. अनिल कपूर और तब्बू की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने गाने की भावनाओं को पर्दे पर बखूबी उतारा है. गाने की सबसे बड़ी खासियत इसकी सादगी है. इसमें प्यार को किसी भारी-भरकम अंदाज में पेश करने के बजाय छोटी-छोटी भावनाओं और खूबसूरत पलों के जरिए रिश्ते की गर्माहट दिखाई गई है. यही वजह है कि यह गाना इतने साल बाद भी हिंदी फिल्म संगीत के चाहने वालों की प्लेलिस्ट में अपनी जगह बनाए हुए है.
कुमार शानू और चित्रा की आवाज ने बढ़ाई मिठास
इस रोमांटिक गाने को कुमार शानू और के. एस. चित्रा ने अपनी आवाज दी है. दोनों की आवाज का मेल गाने को एक खास मिठास देता है. 90 के दशक के संगीत की पहचान रही मेलोडी इस गाने में भी साफ सुनाई देती है. इसके बोल मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने लिखे थे. उनके शब्द पति-पत्नी के बीच के प्यार और आपसी लगाव को बेहद खूबसूरती से बयां करते हैं. गाने की धुन, बोल और आवाजों का तालमेल ऐसा है कि यह ट्रैक उस दौर की रोमांटिक यादों को आज भी ताजा कर देता है.
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इस फिल्म में अनिल कपूर और तब्बू के अलावा अमरीश पुरी, पूजा बत्रा और मिलिंद गुनाजी जैसे कलाकार भी नजर आए थे. फिल्म की कहानी और संगीत दोनों को दर्शकों ने पसंद किया था.
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