लता मंगेशकर स्वरकोकिला के नाम से जानी जाती हैं, जिन्होंने 5 साल की उम्र से अपना सिंगिग करियर शुरू किया और 6,500 से 8,200 ज्यादा गाने अपने करियर में गाए. इतना ही नहीं हिंदी ही नहीं बल्कि 36 भाषाओं में उन्होंने अपने सुर से फैंस का दिल जीता. लेकिन क्या आप जानते हैं कि लता मंगेशकर का एक रोमांटिक गाना है, जिसमें 34 सेकंड तक मलयालम लिरिक्स का इस्तेमाल किया गया था. लेकिन आज भी हिंदी ऑडियंस के बीच यह गाना इतना पॉपुलर है कि फैंस मलयालम लिरिक्स को भी याद कर बैठे हैं.
लता मंगेशकर का 28 साल पुराना गाना
हम जिस गाने के बारे में बात कर रहे हैं उसके बोल हैं....
पुन्चिरी थनु कोंचीको
मुन्थिरी मुत्थम चिन्थीको
मंचनी वर्ण सुंदरी वावे
थान्कीनाका
थाकधिमी आडुम थन्कानीलावे होय
पुन्चिरी थनु कोंचीको
मुन्थिरी मुत्थम चिन्थीको
मंचनी वर्ण सुंदरी वावे
थान्कीनाका
थाकधिमी आडुम थन्कानीलावे होय
थंक कोलूसल्ले
कुरुम कुईलल्ले
मारन मयीलल्ले
थंक कोलूसल्ले
कुरुम कुईलल्ले
मारन मयीलल्ले
इस लिरिक्स से आपको समझ आया हम किस गाने के बारे में बात कर रहे हैं? दरअसल, यह फिल्म शाहरुख खान और प्रीति जिंटा की दिल से है, जो 1998 में रिलीज हुई थी. फिल्म में लता मंगेशकर के साथ एमजी श्रीकुमार ने गाया था. जबकि बोल गुलजार ने हिंदी में और गिरिश पुथेनचेरी ने मलयालम में लिखे थे. इस गाने को आज भी खूब पसंद किया जाता है.
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लता मंगेशकर को अकेलापन हुआ था महसूस
O2इंडिया के साथ बातचीत में गुलजार ने बताया कि दिवंगत लता मंगेशकर के लिए यह अनुभव आसान नहीं था. गाना रिकॉर्ड करते समय उन्हें बहुत अकेलापन महसूस हुआ. गुलजार ने कहा, "यह पहली बार था जब वह रहमान के साथ काम कर रही थीं. स्टूडियो में जहां से गायक गाना रिकॉर्ड करता है, वहां से वह दिखाई नहीं देता. आमतौर पर हम गायक के ठीक सामने खड़े होते हैं और इशारों से निर्देश देते हैं. उस समय, आज की तरह, रहमान को भी हिंदी उतनी अच्छी तरह समझ नहीं आती थी. जरा सोचिए, लता जी रिकॉर्डिंग बूथ के अंदर एक और बेहतरीन गाना गाने के लिए तैयार थीं. लेकिन सामने कोई नहीं था. कोई जाना-पहचाना चेहरा नहीं, शीशे के पीछे से कोई सहमति में सिर हिलाने वाला या हौसला बढ़ाने वाली मुस्कान देने वाला नहीं. बस मशीनें और सन्नाटा था. कुछ देर बाद थोड़ी असहज होकर उन्होंने पूछा, 'मुझे अपने सामने कोई दिखाई नहीं दे रहा. मैं किसके लिए गा रही हूं? मुझे बहुत अजीब लग रहा है क्योंकि किसी के साथ कोई संपर्क ही नहीं है.' आप अकेले न तो गा सकते हैं और न ही कोई कविता सुना सकते हैं."
दिल से के गाने
दिल से फिल्म प्रीति जिंटा की डेब्यू फिल्म थी. जबकि शाहरुख खान लीड रोल में नजर आए थे. फिल्म के गानों के लिरिक्स गुलजार ने लिखे थे. जबकि म्यूजिक को एआर रहमान ने कंपोज किया था. वहीं जिया जले के अलावा छैया छैया, दिल से रे, ऐ अजनबी और सतरंगी रे गाने खूब पॉपुलर हुए. फिल्म का निर्देशन मणिरत्नम ने किया था.
लता मंगेशकर का सिंगिंग करियर
लता का पहला रिकॉर्ड किया गया गाना 1942 की मराठी फिल्म 'किती हसाल' के लिए था, लेकिन वह गाना फिल्म के अंतिम वर्जन में शामिल नहीं हुआ. इसके बाद उन्होंने कुछ और मराठी गाने रिकॉर्ड किए. जबकि 1945 के आसपास वह मुंबई पहुंचीं और आगे की संगीत की ट्रेनिंग ली. उन्होंने उस्ताद अमान अली खान और दूसरे बड़े संगीत गुरुओं से शास्त्रीय संगीत सीखा. इसके बाद उन्हें धीरे-धीरे हिंदी फिल्मों में काम मिलने लगा. 1949 की फिल्म 'महल' का गाना 'आएगा आनेवाला' लता के करियर का बड़ा मोड़ बना. इस गाने ने उनकी आवाज को देशभर में पहचान दिलाई. इसके बाद वह हिंदी सिनेमा की सबसे ज्यादा मांग वाली प्लेबैक सिंगर्स में शामिल हो गईं. उन्होंने नौशाद, मदन मोहन, एस.डी. बर्मन, अनिल बिस्वास, सी. रामचंद्र, खय्याम और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जैसे बड़े संगीतकारों के साथ काम किया. मोहम्मद रफी और किशोर कुमार जैसे बड़े गायकों के साथ भी उनकी आवाज खूब सुनी गई.
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