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This Article is From Jun 26, 2024

सावन के महीने में इस पौधे को लगाने पर प्रसन्न हो सकते हैं भगवान शिव, जानिए यहां

सावन के महीने में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उनका मनपसंद पौधा घर में लगाया जा सकता है. माना जाता है कि घर-परिवार पर भोलेनाथ की कृपा बनी रहती है. 

सावन के महीने में इस पौधे को लगाने पर प्रसन्न हो सकते हैं भगवान शिव, जानिए यहां
भगवान शिव का प्रिय माना जाता है यह पौधा. 

Sawan 2024: सावन के महीने को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माह माना जाता है. इस महीने में भगवान शिव की पूरे मनोभाव से पूजा की जाती है और व्रत रख जाते हैं. सावन के महीने में भक्त हर वो कोशिश करते हैं जिससे अपने आराध्य महादेव (Lord Shiva) को प्रसन्न कर सकें. पंचांग के अनुसार, इस साल सावन का महीना 22 जुलाई से शुरू हो रहा है और सावन का समापन 19 अगस्त में हो जाएगा. सावन के दिनों में खासतौर से सावन सोमवार का महत्व होता है. 21 जुलाई के दिन आषाढ़ पूर्णिमा है जिसके अगले दिन से सावन लग जाएगा और 19 अगस्त के दिन श्रावण पूर्णिमा के साथ ही सावन के महीने का समापन हो जाएगा. भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए घर में महादेव का प्रिय पौधा (Plant) भी लगाया जा सकता है. यहां जानिए इस पौधे के बारे में. 

महादेव को कैसे करें प्रसन्न | How To Impress Lord Shiva

मान्यतानुसार भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए घर में सावन के महीने में बेल का पौधा लगाया जा सकता है. बेलपत्र (Belpatra) या बेल के पत्तों का भगवान शिव की पूजा में अत्यधिक महत्व होता है. माना जाता है कि भोलेनाथ की पूजा में बेलपत्र का इस्तेमाल किया जाए तो जातक की पूजा सफल हो जाती है. 

बेलबपत्र का पौधा लगाना चाहते हैं तो सबसे पहले अच्छे गमले का चुनाव करें. गमला मिट्टी वाला हो तो बेहतर है. इसके बाद गमले में रेतीली या फिर पथरीली मिट्टी डालें. मिट्टी रेतीली ना हो तो सादी मिट्टी में रेत मिलाई जा सकती है. पौधा लगाने के लिए बेल फल में पाए जाने वाले बीज का इस्तेमाल होता है. इस बीज को धोकर सुखाएं और मिट्टी में बो दें. इस बात का ध्यान रखें कि अगर आप बीज को गमले में लगाएंगे तो पौधे को बढ़ने में 3 से 4 साल का समय लग सकता है. ऐसे में बाहर से लाए गए पौधे की ग्रोथ ज्यादा बेहतर तरह से होती है.

इस पौधे को ज्यादा पानी की जरूरत होती है, ऐसे में बेल के पौधे को समय-समय पर पानी देते रहें. पौधे को बढ़ने के लिए पर्याप्त धूप की भी आवश्यकता होती है. बेल के पौधे का गमला ऐसी जगह रखें जहां से उसे सीधी धूप लगे. पौधे को कीड़ों से बचाने के लिए नीलगिरी या नीम का इस्तेमाल किया जा सकता है. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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