- ईरान के अंग्रेजी दैनिक अखबार तेहरान टाइम्स ने अमेरिकी सैनिकों को ईरानी धरती पर कदम रखने पर मौत की चेतावनी दी
- अमेरिका मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती पर विचार कर रहा है, जो क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति बढ़ाएगी
- इजरायल ने ईरान समर्थित समूहों के खिलाफ लेबनान और ईरान में बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं
ईरान के अंग्रेजी दैनिक अखबार तेहरान टाइम्स के पहले पन्ने पर आज "वेलकम टू हेल" मतलब "नरक में आपका स्वागत है" शीर्षक से वाशिंगटन को चेतावनी दी गई है. इसमें कहा गया है कि ईरान की धरती पर कदम रखने वाले किसी भी अमेरिकी सैनिक को "ताबूत में ही वापस लौटना होगा."यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी मीडिया ने शुक्रवार को बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका मिडिल ईस्ट में 10,000 तक अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती पर विचार कर रहा है.
क्यों लग रहे हैं ऐसे कयास
इस कदम से यह अटकलें तेज हो गई हैं कि वाशिंगटन ईरान के अंदर जमीनी अभियान की संभावना के लिए सेना उतारने की तैयारी कर रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार इस दावे के बावजूद कि तेहरान संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से वाशिंगटन के साथ शांति वार्ता में लगा हुआ है, इस संभावित तैनाती से क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति में भारी वृद्धि होगी.
हूतियों की एंट्री
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का उद्देश्य ट्रंप को मिडिल ईस्ट में हमला करने के कई विकल्प देना है. ये अतिरिक्त सैनिक उन हजारों पैराट्रूपर्स और मरीन सैनिकों के साथ शामिल होंगे, जिन्हें पहले ही क्षेत्र में भेजा जा चुका है. एक ईरानी अधिकारी ने बुधवार को कहा कि तेहरान यमन में अपने हूती सहयोगियों को सक्रिय करके किसी भी अमेरिकी जमीनी आक्रमण का जवाब देगा. हूतियों को लाल सागर में जहाजों पर हमले फिर से शुरू करने का निर्देश दिया जाएगा, जिससे अधिकारी के अनुसार युद्ध में एक नया मोर्चा खुल जाएगा. इजरायल पर आज पहली बार हूतियों ने हमला कर भी दिया.
ट्रंप का इनकार पर...
ट्रंप लगातार कहते रहे हैं कि उनका ईरान के खिलाफ युद्ध में जमीन पर सैनिकों को उतारने का कोई इरादा नहीं है. हालांकि, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि अतिरिक्त अमेरिकी सेना कहां तैनात की जाएगी. वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिपोर्ट किया है कि वे संभवतः ईरान और खारग द्वीप के करीब तैनात किए जाएंगे, जो ईरानी तट से कुछ ही दूरी पर स्थित एक महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र है. एक अन्य घटनाक्रम में, ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर संभावित और हमलों के लिए निर्धारित समय सीमा को कुछ समय के लिए टाल दिया है. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत "बहुत अच्छी चल रही है."
लेबनान में भी बरस रहे बम
शुक्रवार तड़के, इजरायल की सेना ने घोषणा की कि उसने तेहरान के मध्य में स्थित "ईरानी आतंकवादी शासन" से संबंधित बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं. उसी दिन बाद में, इजरायली सेना ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर अपने हमले तेज कर दिए और कहा कि वह हिजबुल्लाह द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले बुनियादी ढांचे को निशाना बना रही है. ईरान समर्थित लेबनानी समूह ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कहा कि दक्षिणी लेबनान में उसकी सेनाओं का इजरायली सैनिकों के साथ सीधा संघर्ष हुआ है.
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