- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में फंसे पायलट को बचाने वाले ऐतिहासिक रेस्क्यू ऑपरेशन का विवरण दिया
- ट्रंप ने स्वीकार किया कि ईरान ने एक अमेरिकी एफ 15 ई फाइटर प्लेन मार गिराया था और पायलट फंस गया था
- अमेरिकी अधिकारियों ने खुफिया जानकारी लीक करने वाले की पहचान करने के लिए मीडिया कंपनी से सहयोग मांगा है
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारतीय समय के अनुसार सोमवार रात 10.30 बजे मीडिया के सामने आए और ईरान में पायलट रेस्क्यू ऑपरेशन की पूरी कहानी बताई. उन्होंने बताया कि क्यों ये ऑपरेशन ऐतिहासिक था. कैसे ईरान के अंदर घुसकर अमेरिका ने इसे अंजाम दिया. मगर इन बातों के बीच उन्होंने एक ऐसी बात बताई, जिसने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया.
...और लीक हो गई जानकारी
ट्रंप ने बताया कि रोज हमारे फाइटर प्लेन जाते थे और ईरान पर बम बरसा कर आ जाते थे. मगर एक दिन किस्मत ने ईरान का साथ दिया और हमारा एक एफ 15 ई फाइटर प्लेन उन्होंने मार गिराया. फाइटर प्लेन में सवार को पायलट को तो हमने बचा लिया, लेकिन पायलट ईरान की सीमा में चले गए थे. इस बात की जानकारी ईरान को भी नहीं थी, लेकिन किसी ने ये जानकारी लीक कर दी. अमेरिकी अधिकारी उस व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसने यह जानकारी लीक की कि पहले पायलट को बचाए जाने के बाद दूसरा पायलट ईरान में फंसा हुआ है.
किसने लीक की खुफिया जानकारी
अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि अमेरिका में छपी रिपोर्ट आने से पहले ईरान को दूसरे पायलट की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, उसे पता ही नहीं था कि उसके यहां अमेरिका का पायलट फंसा हुआ है. इससे अमेरिकी बचाव अभियान "काफी मुश्किल" हो गया. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी अधिकारी रिपोर्ट प्रकाशित करने वाली मीडिया कंपनी से जानकारी लीक करने वाले की पहचान बताने की मांग करेंगे, अन्यथा उन पर मुकदमा चलाया जाएगा. हम उस जानकारी लीक करने वाले को ढूंढने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं. हमें लगता है कि हम उसका पता लगा लेंगे, क्योंकि हम उस मीडिया कंपनी के पास जाएंगे, जिसने यह जानकारी जारी की है और हम कहेंगे: 'या तो जानकारी दें या जेल जाएं'."
फिर ईरान में घुस गए 155 विमान
ट्रंप ने बताया कि ईरान तक ये जानकारी पहुंचने के बाद वो भी लापता पायलट को ढूंढने लगा. इस बीच लापता पायलट ने मैसेज भेजा और फिर शुरू हुआ उसे बचाने का ऑपरेशन. ट्रंप ने बताया कि ईरान में 155 विमान भेजे गए. इनमें 4 बॉम्बर, 64 फाइटर जेट, 48 रिफ्यूलिंग टैंकर, 13 रेस्क्यू एयरक्राफ्ट भेजे गए. हमारी सेना ने पायलट को ढूंढा और फिर उसे सकुशल वापस लेकर आ गए. इस बीच अमेरिका और ईरान की सेना का आमना-सामना भी हुआ मगर सारे अमेरिकी सैनिक वापस आ गए.
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