पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव के बीच पीएम मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की एक अहम बैठक हुई. करीब 3 घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में देश की ऊर्जा सुरक्षा, ईंधन आपूर्ति और खाद्य संसाधनों की विस्तृत समीक्षा की गई. बैठक में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में देश के नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो और गैस, पेट्रोल‑डीज़ल व तेल की आपूर्ति बिना रुकावट बनी रहे. इसके लिए सभी सरकारी विभागों और एजेंसियों को समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है.
13 वरिष्ठ मंत्री रहे मौजूद
इस अहम बैठक में 13 वरिष्ठ मंत्रियों ने भाग लिया. बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय हालात के भारत पर पड़ने वाले शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म प्रभावों का भी आकलन किया गया.
ऊर्जा और ईंधन पर खास फोकस
प्रधानमंत्री ने बैठक में यह भी निर्देश दिए कि पावर प्लांट्स में कोयले की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. पेट्रोल और डीज़ल का पर्याप्त भंडार हर हाल में बना रहे. गैस आपूर्ति में किसी तरह की रुकावट न हो. इसके साथ ही वैकल्पिक आपूर्ति मार्ग तलाशने और बदलते वैश्विक हालात में निर्यात के नए अवसरों पर भी विचार करने को कहा गया.
किसानों के लिए खाद की उपलब्धता जरूरी
आगामी बुआई सीजन को देखते हुए पीएम ने विशेष तौर पर निर्देश दिया कि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो. इसके लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता हर राज्य में सुनिश्चित कराने पर ज़ोर दिया गया.
सचिवों का विशेष समूह गठित
बैठक में यह फैसला भी लिया गया कि वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवों का एक विशेष निगरानी समूह बनाया जाएगा, जो लगातार अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर नज़र रखेगा और सरकार को समय‑समय पर रिपोर्ट देगा. सरकार का स्पष्ट संदेश है कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और आम जनता की जरूरतों पर कोई असर नहीं पड़ने दिया जाएगा.