दुनिया में तेजी से बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों, देशों के बीच बदलते रिश्तों और वैश्विक शक्ति संतुलन के बीच भारत की भूमिका भी अहम होती जा रही है. ऐसे में सवाल है कि क्या दुनिया एक नई व्यवस्था की ओर बढ़ रही है और इस बदलते दौर को कैसे समझा जाए. NDTV World Summit 2026 के दूसरे और आखिरी दिन 'Demystifying a World Between Orders' विषय पर चर्चा हुई और इस सत्र में शशि थरूर ने वैश्विक व्यवस्था में हो रहे बदलावों और उनसे जुड़ी चुनौतियों पर अपने विचार रखे. पहले शशि थरूर ने अपना लेक्चर दिया और फिर सत्र में सवालों के जवाब दिए. इस सत्र को NDTV की पॉलिटिकल एडिटर वसुधा वेणुगोपाल ने मॉडरेट किया.NDTV वर्ल्ड समिट में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "आखिरकार, बहुध्रुवीयता (मल्टीपोलैरिटी) का मतलब बहुपक्षवाद (मल्टीलेटरलिज्म) नहीं है, और न ही यह इसकी कोई गारंटी है. अगर कई ताकतवर पक्ष उन नियमों पर सहमत नहीं हो पाते जो शक्ति के इस्तेमाल को सीमित करते हैं, तो ऐसी दुनिया बस एक ऐसी जगह बन सकती है जहां कई पक्ष अपनी-अपनी महत्वाकांक्षाओं को लेकर एक-दूसरे से होड़ कर रहे हों." शशि थरूर ने कहा कि कूटनीति का मतलब है कि एक दूसरे से लड़ रही ताकतों को एक साथ लेकर चलना.