पंजाब की राजनीति में एक पुराना रिश्ता एक बार फिर चर्चा में है. शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) करीब दो दशकों तक सहयोगी रहे, लेकिन 2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर दोनों की राहें अलग हो गईं. अब 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले फिर सवाल उठने लगा है कि क्या अकाली दल और बीजेपी दोबारा साथ आ सकते हैं? और अगर दोनों दल गठबंधन करते हैं, तो सबसे बड़ा मुद्दा सीटों के बंटवारे का होगा. आखिर किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेंगी और क्या दोनों के बीच कोई नया फार्मूला बन पाएगा? यही सवाल पंजाब की सियासत में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं.