SIR विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जस्टिस उज्जल भुइयां (Justice Ujjal Bhuyan) ने मताधिकार को लेकर बड़ी संवैधानिक टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि लाखों नागरिकों को वोट के अधिकार से वंचित करना मनमाना है। मतदाता सूची से नाम हटाने से पहले नोटिस और सुनवाई जरूरी है। उन्होंने नागरिकता और मताधिकार को आपस में जुड़ा बताया।