घर-घर पेपर बांटने वाले की बेटी बनी कॉमर्स में टॉपर, बताया- बिना कोचिंग कैसे करें तैयारी

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  • प्रकाशित: मार्च 23, 2026

bihar board 12th result 2026: मानवी कुमारी की यह उपलब्धि वाकई प्रेरणादायक है. एक पेपर हॉकर की बेटी का अपनी मेहनत से राज्य में चौथा स्थान पाना एक बड़ी मिसाल है. किस्मत की लकीरें वो खुद लिखते हैं, जिनके हौसलों में उड़ान होती है. आज हम आपको मिलवाने जा रहे हैं बिहार की एक ऐसी ही 'सुपर गर्ल' से, जिसने अभावों को अपनी ढाल बनाया और कामयाबी का एक नया इतिहास रच दिया. वैशाली जिले के देसरी के चक महम्मद वार्ड नंबर दो की रहने वाली मानवी कुमारी ने इंटर कॉमर्स की परीक्षा में 474 अंक हासिल कर पूरे राज्य में चौथा स्थान पाया है. लेकिन यह जीत सिर्फ अंकों की नहीं, बल्कि उस कड़े संघर्ष की है जो मानवी के पिता पंकज कुमार पिछले 25 वर्षों से कर रहे हैं.

संघर्ष से सफलता तक
मानवी के पिता पेशे से एक पेपर हॉकर हैं. जो अखबार लोगों के घरों तक दुनिया की खबरें पहुंचाते थे, आज उसी अखबार की सुर्खियों में उनकी बेटी का नाम आने वाला है. परिवार की स्थिति चुनौतियों से भरी है- घर में दो बड़ी बहनें, मांसी और साक्षी, दिव्यांग हैं. लेकिन मानवी ने इन मुश्किलों को कभी अपनी पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया. बिना कोचिंग, सिर्फ 6 से 7 घंटे की सेल्फ स्टडी और अपनी दादी कांति देवी से मिली प्रेरणा के दम पर मानवी ने यह मुकाम हासिल किया है. इससे पहले मैट्रिक में भी उन्होंने संत माइकल पब्लिक स्कूल और सीबीएसई बोर्ड में जिले में छठा स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था.

मानवी की माँ संगीता देवी एक गृहिणी हैं और आज अपनी बेटी की इस सफलता पर फूले नहीं समा रही हैं. मानवी का सपना अब CA बनकर देश की सेवा करना और अपने परिवार का नाम रौशन करना है. मानवी अपनी आर्थिक तंगी की याद भी करती है और अपने जूनियर को कई सीख भी दे रही है.