मुज़फ़्फ़रनगर के जिन दो गांवों के तनाव ने दंगों की शक्ल ली वहां अब भी ख़ौफ़ और संदेह का माहौल है। मुज़फ़्फ़रनगर के साल भर के दर्द का जायज़ा लेने वहां पहुंची एनडीटीवी संवाददाता नीता शर्मा मिलीं दोनों परिवारों से और पाया कि न उनके ज़ख़्म सूखे हैं और न ही ख़ौफ़ गया है।