क्या देश के युवाओं ने राजनीति का Prime Time बदल दिया है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि हाल के छात्र आंदोलनों और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बाद राजनीतिक लड़ाई अब सिर्फ टीवी स्टूडियो तक सीमित नहीं रही, बल्कि रात 11 बजे के बाद मोबाइल स्क्रीन पर भी लड़ी जा रही है.