दिल्ली में सड़क हादसे में घायल एक शख़्स डेढ़ घंटे किनारे पड़ा रहा। उसे धक्का मारने वाला निकल गया। कोई और आकर उसका मोबाइल ले गया। लेकिन किसी ने उसे अस्पताल पहुंचाना ज़रूरी नहीं समझा। उसकी मौत हो गई। ये दिल्ली की संवेदनहीनता का चेहरा है।
(चेतावनी : यह चित्र विचलित करने वाले हैं)