10 अक्टूबर को हिरासत में लिये गए अभिजीत दीपके को जब रिहा किया गया, तो वह दादी को श्रद्धांजलि देने पैतृक गांव संतुक पिंपरी पहुंचे. वह दादी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके थे, क्योंकि उस समय वह दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आए थे. ऐसे में अभिजीत दीपके श्मशान घाट पहुंच, जहां उनकी दादी का अंतिम संस्कार किया गया था. दीपके ने यहां पर फूल चढ़ाकर दादी को श्रद्धांजलि दी. इस दौरान दादी की यादों को याद कर अभिजीत दीपके भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े. वह कुछ देर तक उसी श्मशान घाट पर रुके रहे, जहां उनकी दादी का अंतिम संस्कार हुआ था.