'अगर प्रशासन रोकेगा. तो...' मथुरा कार सेवा पर NDTV से जगतगुरु सुरेशानंद

  • 8:04
  • प्रकाशित: जुलाई 14, 2026

मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि को लेकर एक बार फिर माहौल गरमा गया है. चित्रगुप्त पीठ के जगतगुरु सुरेशानंद जी महाराज ने 9 अगस्त को मथुरा में 'कार सेवा' करने का आह्वान किया है. उनका कहना है कि अब कृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने का समय आ गया है. NDTV से खास बातचीत के बदौरान महाराज जी ने कहा कि ये संकल्प मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'अयोध्या हुई, अब मथुरा-काशी की बारी' है. भगवान कृष्ण की जन्मभूमि के लिए कुछ होना चाहिए. इसी को संकेत मानकर संतों ने कार सेवा का ऐलान किया. मुद्दा ईदगाह परिसर के पास वाली जमीन का है. सुरेशानंद जी का आरोप है कि 1968 का समझौता था कि कोई नवनिर्माण और रिपेयरिंग नहीं होगी, लेकिन उसका पालन नहीं हुआ. मथुरा कोर्ट ने दोनों पक्षों को समझौते के लिए बुलाया था, लेकिन इस्लामिक पक्ष दो बार नहीं पहुंचा और कहा कि वो 68 के समझौते पर ही अड़े हैं. संत समाज का दावा है कि उन्हें 13 अखाड़ों और मथुरा-वृंदावन के प्रमुख संतों जैसे देवकीनंदन जी, रितंबरा जी का समर्थन मिला है. आज हरिद्वार में संतों की बैठक में कार सेवा की रूपरेखा तय होगी.
हालांकि, सबसे बड़ा सवाल सुप्रीम कोर्ट के 'स्टेटस को' पर है. कोर्ट ने ईदगाह पर सर्वे और यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं. इस पर जगतगुरु का कहना है कि जिस तरह अयोध्या में कार सेवा हुई थी, उसी तर्ज पर मथुरा में भी होगी. अगर प्रशासन रोकेगा, तो उस समय आगे की रणनीति बनाई जाएगी. संतों का कहना है कि अभी ये पूरी तरह धार्मिक आंदोलन है, कोई राजनीतिक पार्टी इसमें शामिल नहीं है. हालांकि, 2027 में यूपी चुनाव होने हैं, इसलिए इस ऐलान से मथुरा का राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है. फिलहाल प्रशासन इस मामले पर चुप है. अब सबकी नजरें 9 अगस्त पर हैं- क्या कार सेवा होगी या कोर्ट के आदेश के चलते रोक दी जाएगी.

संबंधित वीडियो