प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS शिखर सम्मेलन में वैश्विक शासन सुधार (Global Governance Reform) के लिए बड़ा प्रस्ताव रखते हुए कहा कि सदस्य देशों को मिलकर 10 ठोस सुझाव तैयार करने चाहिए, जिन्हें अगली BRICS Summit तक एक व्यापक BRICS Reform Roadmap का स्वरूप दिया जा सके. पीएम मोदी ने कहा कि इस रोडमैप को तैयार करते समय तीन प्रमुख पहलुओं, Representation (प्रतिनिधित्व), Responsiveness (जवाबदेही) और Rule Making (नियम निर्माण) पर विशेष ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा, "प्रतिनिधित्व के संबंध में मैं कहना चाहूंगा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार अब और टाला नहीं जा सकता. इस विषय पर वर्षों से चल रही चर्चाओं को निश्चित समय-सीमा और स्पष्ट परिणामों से जोड़ना जरूरी है." प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि वैश्विक वित्तीय संस्थानों में भी बदलाव की आवश्यकता है. वोटिंग पावर, नेतृत्व पदों और नीतिगत प्राथमिकताओं को आज की आर्थिक वास्तविकताओं और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका के अनुरूप बनाया जाना चाहिए.