Bengal bulldozer action: शुभेंदु सरकार का रौद्र रूप! पूरे बंगाल में शुरू हुआ बुलडोजर एक्शन

Bengal bulldozer action, illegal construction demolition Kolkata: कोलकाता. पश्चिम बंगाल में इन दिनों ‘बुलडोजर एक्शन’ और सख्त प्रशासनिक फैसलों को लेकर माहौल गर्म है. कई इलाकों से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जहां अवैध निर्माणों पर बुलडोजर के साथ-साथ हथौड़े तक चलाए जा रहे हैं. प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई अवैध कब्जों और गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ की जा रही है, जबकि विपक्ष इसे आम लोगों पर कार्रवाई बता रहा है.


तिलजला इलाके से सामने आई तस्वीरों में एक अवैध निर्माण को पूरी तरह ढहाते हुए देखा गया. बताया गया कि यहां गैरकानूनी तरीके से चमड़ा फैक्ट्री चल रही थी, जिसमें कुछ दिन पहले आग लगने से दो लोगों की मौत भी हुई थी. इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक साथ कई बुलडोजर चलाए और पूरी इमारत को जमींदोज कर दिया.


स्थानीय लोगों के मुताबिक, कार्रवाई से इलाके में डर और असमंजस की स्थिति बन गई है. कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट जानकारी के घरों और दुकानों को तोड़ा जा रहा है. वहीं, प्रशासन का कहना है कि केवल अवैध कब्जों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है.
कार्रवाई के दौरान कई जगह लोगों ने विरोध भी किया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. अवरोध पैदा करने वाले कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया. कई इलाकों में ‘नो पेट्रोल-नो डीजल’ जैसी स्थिति की तरह ही अब ‘डिमोलिशन ड्राइव’ को लेकर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला.
इसी बीच, कोर्ट से भी एक बड़ा फैसला सामने आया है. 2020 में हुई हिंसा के एक मामले में दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. इससे यह संकेत मिल रहा है कि कानून-व्यवस्था के मामले में सख्ती बढ़ाई जा रही है.


राजनीतिक तौर पर भी इस कार्रवाई को बड़ा संदेश माना जा रहा है. चर्चा है कि सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासन ‘योगी मॉडल’ की तरह बुलडोजर नीति अपनाने की कोशिश कर रहा है. शुभेंदु अधिकारी की छवि भी सख्त फैसले लेने वाले नेता के तौर पर उभर रही है. रैलियों और आयोजनों में उनके भगवा परिधान और प्रतीकात्मक संदेशों की भी चर्चा हो रही है.


सरकार ने अवैध बूचड़खानों, पशु तस्करी और गैरकानूनी निर्माणों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. नियमों का उल्लंघन करने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान लागू किया जा रहा है. बकरीद से पहले इस तरह की सख्ती को लेकर राज्य में राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है.


दूसरी ओर, भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है. कई जगहों पर जश्न भी मनाया गया. वहीं, टीएमसी का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही है.
ग्राउंड जीरो से सामने आई तस्वीरों में यह भी देखा गया कि विधायक और प्रशासनिक अधिकारी अस्पतालों और अलग-अलग इलाकों का दौरा कर हालात का जायजा ले रहे हैं. कुछ जगहों पर अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं और दस्तावेज मांगकर वैधता की जांच की जा रही है. कुल मिलाकर, बंगाल में इस समय प्रशासनिक कार्रवाई और सियासी टकराव दोनों अपने चरम पर हैं. अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलने के साथ-साथ अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या यह कानून का सख्त पालन है या राजनीति का नया हथियार.
 

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